‘न मैंने लगवाई, न मेरे परिवार ने..’ विशेषज्ञ की इस बात से मचा हड़कंप, क्या खतरनाक है कोविड वैक्सीन? जानें रिसर्च का सच

‘न मैंने लगवाई, न मेरे परिवार ने..’ विशेषज्ञ की इस बात से मचा हड़कंप, क्या खतरनाक है कोविड वैक्सीन? जानें रिसर्च का सच

Covid Vaccine Effect: हाल ही में डॉक्टर कमलप्रीत सिंह (डायबिटीज और लाइफस्टाइल डिजीज विशेषज्ञ) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि उनके परिवार में किसी ने भी कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई। इसके बाद हर घर में एक ही चर्चा है,कोरोना का टीका लगवाकर गलती तो नहीं कर दी?’ कोई कहता है हार्ट फेल हो रहा है, तो कोई इसे कैंसर की जड़ बता रहा है। लोग डरे हुए हैं और गूगल पर पागलों की तरह सर्च कर रहे हैं। पर सच क्या है? क्या वाकई ये वैक्सीन हमें बचाने के बजाय मार रही है? चलिए, आज दूध का दूध और पानी का पानी कर देते हैं। आइए रिसर्च से जानते हैं कि इन अफवाहों के पीछे का सच क्या है और साथ ही आपके सभी सवालों के जवाब जो आप ढूंढते रहते हैं?

रिसर्च क्या कहती है?

दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था WHO, CDC, National Cancer Institute और Nature की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड वैक्सीन लगवाने वालों में कैंसर होने का खतरा उन लोगों से ज्यादा नहीं है जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई। यानी कैंसर के मामलों का वैक्सीन से कोई सीधा लिंक नहीं मिला है।

टर्बो कैंसर क्या है?

इंटरनेट पर टर्बो कैंसर शब्द बहुत चल रहा है, जिसका दावा है कि वैक्सीन के बाद कैंसर बहुत तेज़ी से फैलता है। लेकिन सच तो ये है कि मेडिकल साइंस में इस नाम की कोई बीमारी ही नहीं है। दुनिया भर के कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि ये सिर्फ एक अफवाह है और इसे साबित करने वाला कोई डेटा नहीं है।

फिर कैंसर के मामले बढ़े हुए क्यों लग रहे हैं?

डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से लोग अपनी रूटीन जांच (Screening) नहीं करवा पाए थे। जो कैंसर पहले पकड़ में आ जाना चाहिए था, वो अब सामने आ रहा है। इसके अलावा हमारी बिगड़ती लाइफस्टाइल, प्रदूषण और गलत खान-पान कैंसर के असली कारण हैं।

1. मैंने कोविशील्ड (Covishield) लगवाई थी, क्या अब कोई खतरा है?

देखिए, उस समय बुखार और बदन दर्द सबको हुआ था। जहां तक गंभीर खतरों की बात है, तो खून के थक्के जमने वाली बात बहुत ही कम लोगों में देखी गई। अगर आपको अभी कोई दिक्कत नहीं है, तो बेवजह डरने की ज़रूरत नहीं है।

2. नई वैक्सीन के क्या लफड़े हैं?

नई वैक्सीन भी पुरानी जैसी ही है। सुई लगने वाली जगह पर दर्द या थोड़ी थकान हो सकती है। इसमें कुछ भी ऐसा नहीं है जिससे आपकी जान को नया खतरा हो।

3. कोरोना के बाद ब्रेस्ट कैंसर क्यों बढ़ रहा है?

ब्रेस्ट कैंसर के केस इसलिए बढ़े दिख रहे हैं क्योंकि कोरोना के टाइम पर डर के मारे किसी ने जांच नहीं कराई थी। अब जब सब नॉर्मल हुआ है और लोग अस्पतालों में जा रहे हैं, तो वो पुराने केस अब सामने आ रहे हैं।

4. तो क्या वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए?

नहीं, ऐसा नहीं है। वैक्सीन अभी भी आपको कोरोना के नए रूप से बचाने के लिए जरूरी है। अफवाहों के चक्कर में अपनी जान जोखिम में मत डालिए।

5. कोवैक्सिन या कोविशील्ड, कौन सी बुरी है?

बुरी कोई भी नहीं है। दोनों को सरकार ने सोच-समझकर पास किया था। ये कहना कि एक अच्छी है और दूसरी जानलेवा, बिल्कुल गलत है।

6. इंडिया में कैंसर इतना बढ़ क्यों रहा है?

इसका असली विलेन हमारा खान-पान, गुटखा-तंबाकू और प्रदूषण है। ऊपर से अब जांच की सुविधा बढ़ गई है, तो केस जल्दी पकड़े जा रहे हैं।

7. इलाज के बाद कैंसर दोबारा क्यों आ जाता है?

कभी-कभी कैंसर की कुछ कोशिकाएं शरीर में छिपकर रह जाती हैं। जब उन्हें मौका मिलता है, वो फिर से हमला कर देती हैं। इसीलिए डॉक्टर कहते हैं कि इलाज के बाद भी चेकअप कराते रहो।

8. क्या वायरस भी कैंसर फैलाते हैं?

हां, कुछ वायरस जैसे HPV से कैंसर होता है, पर कोरोना वायरस उस टाइप का नहीं है। इससे कैंसर होने का कोई सबूत नहीं है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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