मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न पटलों के प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में लंबित चरित्र प्रमाण पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर सभी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखागार, महिला यौन उत्पीड़न अधिनियम-2013, भूलेख, स्वतंत्रता सेनानी/लोकतंत्र सेनानी, शत्रु एवं निष्कांत संपत्ति, नजूल, आईजीआरएस, ऑडिट और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पटलों की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रार्थी की संतुष्टि प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी पटल प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करें तथा अभिलेखों का सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित करें। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से फाइलों के प्रेषण को अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए। शस्त्र अनुभाग की समीक्षा के दौरान वरासत संबंधी मामलों को समय पर निपटाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, निवास, जाति और आय जैसे ऑनलाइन प्रमाण पत्रों के निर्गमन में पारदर्शिता और तेजी लाने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, सर्विस बुक और जीपीएफ बुक को अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए। न्यायालयीन वादों के त्वरित निस्तारण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, राजस्व वसूली और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


