फ्लाइट ऑपरेटर ने बरगी क्रूज हादसे में मृत आयुध निर्माणी जबलपुर के कर्मचारी कामराज आर और उनके पांच साल के बेटे श्रीतमिल का शव त्रिची (तमिलनाडु) ले जाने से इंकार कर दिया। उसका तर्क था कि बॉडी डी-कंपोज हो रही है। ऐसे में वह नहीं ले जा सकता है। हालांकि यह बात सामने आते ही प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए और ऑपरेटर को समझाकर शव फ्लाइट में रखवाए। इस कारण अपने निर्धारित समय से एक घंटे देरी से फ्लाइट ने उड़ान भरी। 30 अप्रैल को बरगी डैम में पर्यटन विभाग का क्रूज डूबा था। क्रूज में 47 लोग सवार थे। इनमें से 13 की मौत हो गई। पहले दिन (30 अप्रैल) 4 शव, दूसरे दिन 5, तीसरे दिन 2 और रविवार को चौथे दिन दो (कामराज आर और उनके भतीजे मयूरन) शव मिले थे। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। रविवार को मौसम हुआ खराब शनिवार की रात को पहले 5 वर्षीय श्रीतमिल का शव मिला। रविवार की सुबह कामराज और उनके भतीजे का शव मिला। रविवार को मयूरन का शव प्लेन से भिजवाया गया। शाम को फिर कामराज और श्रीतमिल का शव लेकर खमरिया अस्पताल से एंबुलेंस रवाना हुई, रांझी पहुंचने पर जानकारी मिली की त्रिची का मौसम खराब है, जिसके चलते एंबुलेंस वापस खमरिया अस्पताल गई और दोनों शव को मरचुरी में रखे गए। बोले-डीकंपोज हो गई है बॉडी कामराज के साथ आयुध निर्माणी खमरिया में काम करने वाले सुरेश कन्ना ने दैनिक भास्कर को बताया कि तय समय पर सोमवार सुबह 6 बजे बॉडी लेकर डुमना एयरपोर्ट पहुंच गए थे। करीब साढ़े 7 बजे विशेष विमान आया और जैसे ही बॉडी को उसमें रखा गया तो ऑपरेटर ने यह कहते हुए मना कर दिया कि स्मेल आ रही है, ऐसे में शवों को नहीं ले जाया जा सकता है। मामले की जानकारी कलेक्टर तक पहुंची तो उन्होंने रांझी एसडीएम और तहसीलदार को एयरपोर्ट भेजा। जहां खुशबू के लिए स्प्रे,सेंट की व्यवस्था की गई। शवों के केफिन को फिर से टेपिंग किया गया, तब जाकर ऑपरेटर तैयार हुए और फ्लाइट करीब 9 बजे त्रिची के लिए रवाना हुई। सुरेश कन्ना का कहना है कि तमिलनाडु हाउस से भी अधिकारी जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे, जिन्होंने ऑपरेटर से बात की पर वह तैयार नहीं हो रहा था। ऐसे में आनन-फानन में खुशबू के लिए स्प्रे मंगाया गया और फिर नए सिरे से टेंपिग की गई। कामराज के शव को खमरिया अस्पताल में उनके साथी कर्मचारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। ये खबर भी पढ़िए… क्रूज हादसे में 13 मौतें, आज मिले चाचा-भतीजे के शव “यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर है… हमें रेमेडी (मुआवजा) नहीं, जस्टिस चाहिए। इसके लिए सारा का सारा एमपी टूरिज्म डिपार्टमेंट रिस्पॉन्सबल है। अभी तक कितने ऑफिसर अरेस्ट किए गए, कितने सस्पेंड किए गए? बोट ऑपरेटर कहां है? उसे अरेस्ट क्यों नहीं किया गया? ” यह आक्रोश है क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले कामराज के दोस्त और सहकर्मी का। उन्होंने सीधे तौर पर टूरिज्म डिपार्टमेंट को कटघरे में खड़ा किया और अफसरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पढ़ें पूरी खबर…


