जमुई के खैरा थाना क्षेत्र के हरियाडीह गांव में महिलाओं से छेड़छाड़ और विरोध करने पर एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित साकेंद्र रविदास ने खैरा थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। साकेंद्र रविदास द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 30 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4 बजे हुई। गांव की महिलाएं कोनिया घाट नदी किनारे शौच के लिए गई थीं। उसी दौरान गांव के गुंजन सिंह, गबर सिंह और विवेक कुमार सहित 10 से 15 अज्ञात व्यक्ति बालू उठाव के बहाने वहां मौजूद थे। आरोप है कि ये लोग महिलाओं को गलत नजर से देख रहे थे और उनका वीडियो भी बना रहे थे। इस हरकत से ग्रामीणों में पहले से ही आक्रोश था। जातिसूचक अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी जब साकेंद्र रविदास ने इस हरकत का विरोध किया, तो कथित आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने यह भी बताया कि उन्हें जातिसूचक अपशब्द कहे गए और जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित ने अपने आवेदन में दावा किया है कि उसके पास इस घटना का वीडियो भी मौजूद है, जो आरोपियों की हरकतों को साबित करता है। साकेंद्र रविदास ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जमुई के खैरा थाना क्षेत्र के हरियाडीह गांव में महिलाओं से छेड़छाड़ और विरोध करने पर एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित साकेंद्र रविदास ने खैरा थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। साकेंद्र रविदास द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 30 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4 बजे हुई। गांव की महिलाएं कोनिया घाट नदी किनारे शौच के लिए गई थीं। उसी दौरान गांव के गुंजन सिंह, गबर सिंह और विवेक कुमार सहित 10 से 15 अज्ञात व्यक्ति बालू उठाव के बहाने वहां मौजूद थे। आरोप है कि ये लोग महिलाओं को गलत नजर से देख रहे थे और उनका वीडियो भी बना रहे थे। इस हरकत से ग्रामीणों में पहले से ही आक्रोश था। जातिसूचक अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी जब साकेंद्र रविदास ने इस हरकत का विरोध किया, तो कथित आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने यह भी बताया कि उन्हें जातिसूचक अपशब्द कहे गए और जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित ने अपने आवेदन में दावा किया है कि उसके पास इस घटना का वीडियो भी मौजूद है, जो आरोपियों की हरकतों को साबित करता है। साकेंद्र रविदास ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


