उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर में एक मतगणना केंद्र के बाहर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई है। जिनमें कुछ लोग घायल हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर में एक मतगणना केंद्र के बाहर रविवार को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच मामूली झड़प हुई। शनिवार रात स्ट्रॉन्ग रूम के सामने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच कहासुनी के कारण तनाव पैदा हो गया। इस दौरान नारेबाजी और जवाबी नारेबाजी हुई, जो कुछ ही देर में झड़प में बदल गई।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भी पहुंचकर समर्थकों को तितर-बितर किया। बाद में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं को अलग कर दिया गया और उनके बीच बैरिकेड्स लगा दिए गए।
टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने लगाए पार्टी के झंडे
भाजपा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र के बाहर लगाए गए अपने कैंप में पार्टी के झंडे लगा दिए थे, जिससे विवाद शुरू हुआ। वहीं, तृणमूल ने भाजपा के खिलाफ आवाज उठाते हुए दावा किया कि केंद्रीय बलों ने उन पर लाठीचार्ज किया। हालांकि, केंद्रीय बलों और बिधाननगर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति और नहीं बिगड़ी।
स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है जबकि अन्य सभी मतगणना केंद्रों के बाहर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने मतगणना के दिन केंद्रों के बाहर पटाखे फोड़ने और विजय जुलूस निकालने पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है।
77 मतगणना केंद्रों पर होगी वोटों की गिनती
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव के तहत 293 सीटों के लिए सोमवार को 77 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर पुनर्मतदान कराने की घोषणा की, क्योंकि 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान में गंभीर चुनावी अनियमितताएं पाई गई थीं। इसलिए, फलता को छोड़कर 293 विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती की जाएगी। मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा कड़ी करने के लिए चुनाव आयोग ने कई कदम उठाए हैं।
ममता ने अपने कार्यकर्ताओं को दी ये हिदायत
मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को अपनी पार्टी के मतगणना एजेंटों से कहा कि जहां भाजपा 500 से 700 वोटों से आगे हो, वहां तुरंत पुनर्गणना की मांग करें। उन्होंने एजेंटों को यह भी निर्देश दिया कि वे रविवार रात किसी लॉज या होटल में ठहरें, ताकि सोमवार सुबह समय पर मतगणना केंद्र पहुंच सकें। यह निर्देश उन्होंने वर्चुअल बैठक के जरिए सभी विधानसभा क्षेत्रों के एजेंटों को दिए।


