महाराष्ट्र के पुणे जिले के भोर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 4 साल की मासूम बच्ची के साथ पहले यौन अत्याचार किया गया और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे महाराष्ट्र को हिला कर रख दिया है। खासकर भोर में लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है और सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
इस मामले में पुलिस ने 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी स्वतः संज्ञान लिया है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उधर, इस घटना से नाराज लोगों ने कई घंटों तक पुणे-बेंगलुरु हाईवे जाम कर दिया। बाद में पुलिस ने जबरन लोगों को हटाया और यातायात बहाल कराया। जबकि घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव और गुस्से का माहौल बना हुआ है।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पेशे से मजदूर है और उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। यह घटना 1 मई को हुई, नाबालिग लड़की गर्मी की छुट्टियों में भोर में रहने वाली अपनी नानी से मिलने आई थी। शुक्रवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने उसे बछड़ा दिखाने का लालच देकर घर से अपने साथ ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद सबूत मिटाने के इरादे से पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
ऐसे पकड़ाया आरोपी
इस वारदात के सामने आते ही हड़कंप मच गया। पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें आरोपी बच्ची को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसी ठोस सबूत के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुणे सत्र न्यायालय ने आरोपी को 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग का सख्त आदेश
इस जघन्य अपराध पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने इसे अमानवीय कृत्य बताते हुए कहा कि यह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे अपराध समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को मामले की निगरानी करने के कहा है। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने, मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास और पुलिस की कार्रवाई
पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 1998 और 2015 में भी मामले दर्ज हुए थे, लेकिन दोनों मामलों में उसे बरी कर दिया गया था। वह एक मजदूर है और आमतौर पर गांव में घूमता रहता है और कभी-कभार काम करता है। हालांकि, इस बार पुलिस 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
फास्ट ट्रैक्ट कोर्ट में चलेगा केस- सीएम फडणवीस
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को समाज के लिए बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उच्च न्यायालय से विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने का अनुरोध करेगी और मामला फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। आरोपी को जल्द से जल्द मौत की सजा दिलाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। इस कठिन समय में पूरी सरकार बच्ची के परिवार के साथ खड़ी है।


