Premature Ovarian Failure: अक्सर हम सुनते हैं कि औरतों के पीरियड्स 45 या 50 की उम्र में जाकर बंद होते हैं। लेकिन आजकल 20 से 30 साल की लड़कियों के साथ भी ऐसा हो रहा है। उनकी ओवरी अंडे बनाना बंद कर देती है, जिससे आगे चलकर मां बनने में बहुत दिक्कत आती है। आइए डॉक्टर शैलजा अग्रवाल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) से जानते हैं कि आखिर ये क्या होता है।
क्या होता है Premature Ovarian Failure
हर महिला की ओवरी (अंडाशय) में अंडों का एक सीमित स्टॉक होता है। नॉर्मली, ये अंडे 45 से 50 साल की उम्र तक चलते हैं, और उसके बाद पीरियड्स बंद होते हैं जिसे हम मेनोपॉज कहते हैं। लेकिन, Premature Ovarian Failure तब होता है जब किसी लड़की या महिला की ओवरी 40 साल की उम्र से पहले ही (जैसे 20 या 25 की उम्र में) रिटायर होने लगती है। यानी ओवरी या तो अंडे बनाना बंद कर देती है या फिर बहुत कम अंडे बनाती है।
ओवरी फेलियर के कारण क्या होते हैं?
- बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेना।
- रात-रात भर जागना।
- खराब खान-पान।
- सिगरेट का धुआं
- किसी बीमारी के लिए कराई गई कीमोथेरेपी या रेडिएशन का असर।
Premature Ovarian Failure के लक्षण
- पीरियड्स कभी बहुत जल्दी आना या बंद हो जाना।
- अचानक से चेहरे और गर्दन पर बहुत तेज पसीना आना।
- बात-बात पर चिड़चिड़ापन या रोना आना।
- रात को ठीक से नींद न आना।
- प्राइवेट पार्ट में सूखापन और खुजली होना।
बचाव के उपाय (क्या सावधानी रखें?)
- अगर 2-3 महीने तक पीरियड्स मिस हों, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- योग, मेडिटेशन जरूर करें।
- बाहर का जंक फूड कम करें।
- स्मोकिंग और शराब से जितना हो सके दूर रहें।
- डॉक्टर की सलाह पर AMH टेस्ट (जो अंडों की संख्या बताता है) करवाती रहें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


