रतलाम के नामली में सड़क हादसे के बाद एक व्यक्ति की मौत से माहौल गरमा गया। नाराज ग्रामीणों ने फोरलेन पर धरना देकर सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी है। गुरुवार रात हुए सड़क हादसे में तीन लोग घायल हो गए थे। इनमें से 50 वर्षीय मुकेश पिता परमानंद कुमावत, निवासी नामली की शुक्रवार दोपहर इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9 बजे मुकेश कुमावत अपने अंकल मांगीलाल कुमावत के साथ स्कूटी से पलदूना फंटे के पास फोरलेन क्रॉस कर रहे थे। उसी दौरान एक अन्य व्यक्ति भी सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान रतलाम की ओर से आ रही काले रंग की कार, जिस पर ‘मप्र पुलिस’ लिखा था, ने तीनों को टक्कर मार दी और वाहन चालक मंदसौर की ओर फरार हो गया। हादसे में घायल तीनों को रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मुकेश की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें इंदौर ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फोरलेन पर धरना, सड़क पर अंतिम संस्कार की चेतावनी
मौत की खबर मिलते ही नामली का सर्व समाज फोरलेन पर धरने पर बैठ गया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की जिद पकड़ी और फोरलेन के बीच लकड़ियां व कंडे रख दिए। इस दौरान ग्रामीण और पुलिस-प्रशासन आमने-सामने हो गए। शव आने का इंतजार किया जा रहा है।
एक करोड़ मुआवजे की मांग, टोल कंपनी पर आरोप
ग्रामीण टोल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और मृतक परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। कुमावत समाज के बंटी डाबी के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन न प्रशासन और न ही टोल कंपनी ने कोई ठोस कदम उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर सड़क पर ही चिता जलाई जाएगी।


