Patwaris suspended: मध्य प्रदेश के देवास जिले के कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने लापरवाह अफसर और अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के पीपरी गांव में शुक्रवार को विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसमें कलेक्टर ऋतुराज सिंह सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। सुनवाई में बागली विधायक मुरली भंवरा भी उपस्थित थे। सुनवाई के दौरान एक तरफ जहां बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने अपनी समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। वहीं, दूसरी तरफ कलेक्टर ने लापरवाह बरतने वाले पटवारी और अधिकारियों पर करवाई भी की। (mp news)
जनता की समस्याओं का किया गया निराकरण
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर द्वारा मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। जनसुनवाई में जिला अधिकारियों ने स्टॉल लगाकर विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी।
लापरवाही करने वाले अफसर-अधिकारीयों पर गिरी गाज
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर एक्शन लेते हुए कार्रवाई की। इसमें पेयजल संबंधी आवेदनों की जांच में पीएचई विभाग की सब इंजीनियर वैष्णवी भावसार को काम में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया। इसके बाद फौती नामांतरण कार्य में विलंब और असंतोषजनक कार्यप्रणाली के कलेक्टर ने दो पटवारियों पर भी कार्रवाई करते हुए पटवारी सूरज गंगवाल और पटवारी नवनीत पुरंदरे को भी सस्पेंड किया गया। इसके अलावाबिजली के टूटे हुए पोल को समय पर ठीक न करने पर जेई डीएस परिहार को शोकाज नोटिस देने व लाइनमैन कृष्णकांत बघेल की 15 दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए।
राहत राशि देने की घोषणा की
विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर सिंह ने बिजली करंट से झुलसे पीड़ित शिवराम बघेल और चैन सिंह को 25-25 हजार रुपए की आर्थिक राहत राशि प्रदान की। वहीं बारिश में मकान ढह जाने से प्रभावित नानसिंह कन्नौज को 25 हजार रुपए की सहायता दी गई। गोपाल सेन को सोसाइटी में जमा अंश राशि प्राप्त न होने पर 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।
नर्सरी से यूकेजी तक परीक्षा पर लगाई रोक
छोटे बच्चों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव को देखते हुए जिले में संचालित प्ले स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 के विद्यार्थियों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने के साथ उनकी रैंकिंग और ग्रेडिंग करने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यदि जिले में संचालित किसी भी प्ले स्कूल द्वारा इन कक्षाओं के छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाती है या उनकी रैंकिंग/ग्रेडिंग की जाती है,तो संबंधित संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें संस्था की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई शामिल है। (mp news)


