‘जिन्होंने नक्सलियों को याद दिलाई थी नानी’, जानिए कौन हैं ADG से DG बनाए गए ‘सिंघम’ IPS आलोक सिंह?

‘जिन्होंने नक्सलियों को याद दिलाई थी नानी’, जानिए कौन हैं ADG से DG बनाए गए ‘सिंघम’ IPS आलोक सिंह?

IPS Alok Singh Promoted To DG: उत्तर प्रदेश पुलिस में एक अहम प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1995 बैच के IPS अधिकारी आलोक सिंह (Alok Singh) को पुलिस महानिदेशक (DG) पद पर प्रोन्नत करने का आदेश जारी कर दिया गया है। उनके प्रमोशन के साथ ही विभाग में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति सूची जारी होने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।

जल्द जारी होगी प्रमोशन लिस्ट

आलोक सिंह के DG बनने के बाद पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है। आपको बताते हैं धाकड़ IPS आलोक सिंह के बारे में।

कौन हैं आलोक सिंह, शिक्षा और शुरुआती जीवन

आलोक सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के निवासी हैं। उनका जन्म 24 जनवरी 1967 को हुआ था। उनके पिता का नाम चंद्रपाल सिंह है। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे आलोक सिंह ने 12वीं के बाद फिजिक्स और मैथ्स से बीएससी की। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए और मार्केटिंग-फाइनेंस में एमबीए की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने इटली और यूके की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से एडवांस ट्रेनिंग भी ली, जिसके चलते उन्हें नए आईपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए भी आमंत्रित किया जाता है।

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नक्सल विरोधी अभियान से मिली पहचान

आलोक सिंह के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2000 के दशक की शुरुआत में आया, जब उन्होंने सोनभद्र में नक्सलियों के खिलाफ बड़े काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उस समय इलाके में नक्सलियों का खासा प्रभाव था। उनकी अगुवाई में तीन एरिया कमेटियों को खत्म किया गया और लूटे गए हथियार बरामद किए गए। इस साहसिक कार्रवाई के लिए उन्हें साल 2002 में ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री’ से सम्मानित किया गया।

मेरठ ट्रिपल मर्डर केस में अहम भूमिका

मेरठ में एसएसपी रहते हुए उन्होंने एक चर्चित ट्रिपल मर्डर केस की जांच की थी। करीब 16 साल बाद इस मामले में कोर्ट का फैसला आया, जिसमें 10 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस केस में दोषियों को सजा दिलाने में आलोक सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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नोएडा के पहले पुलिस कमिश्नर

साल 2020 में उत्तर प्रदेश में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के दौरान आलोक सिंह को गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया। उन्होंने यहां आधुनिक, संवेदनशील और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग मॉडल की शुरुआत की, जिसे बाद में एक उदाहरण के रूप में देखा गया।

अपराध और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई

आलोक सिंह ने सहारनपुर में आतंकवाद के खिलाफ और कानपुर जोन में आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन का नेतृत्व किया। फर्रुखाबाद-इटावा में ऑटो लिफ्टर गैंग का पर्दाफाश, औरैया, जालौन और कानपुर देहात में गुंडा-गैंगस्टर एक्ट के तहत 127 अपराधियों की गिरफ्तारी और करोड़ों की संपत्ति जब्त करना उनके प्रमुख अभियानों में शामिल है।

लंबा प्रशासनिक अनुभव

अपने 35 साल से अधिक के करियर में आलोक सिंह ने कौशांबी, बागपत, सोनभद्र, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बिजनौर, कानपुर, मेरठ और बाराबंकी जैसे कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

आलोक सिंह की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे हैं या आईपीएस बनने का सपना देखते हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि मेहनत, शिक्षा और ईमानदार कार्यशैली से प्रशासनिक सेवा में उच्चतम मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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