‘सोनिया गांधी ही लेती हैं निर्णय,’ कर्नाटका में CM बदलाव को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे का बडा बयान

‘सोनिया गांधी ही लेती हैं निर्णय,’ कर्नाटका में CM  बदलाव को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे का बडा बयान

karnataka CM Selection: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में जो घमासान मचा हुआ है, वह अब खुलकर सामने आ चुका है। सिद्धारमैया और उनके उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता का यह विवाद गहरा हो गया है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह मामला पार्टी नेतृत्व के साथ विचार के बाद हल होगा।

सोनिया गांधी का अंतिम निर्णय

खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए यह कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनका ही नेतृत्व पार्टी के मामलों में निर्णय लेते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा, यह सवाल अब नहीं उठता। अब यहां मुख्यमंत्री पहले से हैं। अगर कोई बदलाव होता है, तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा निर्णय लिया जाएगा। खड़गे ने यह भी कहा कि मीडिया और कर्नाटका के कुछ नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों पर ध्यान न देते हुए, उन्हें पार्टी की आंतरिक व्यवस्था पर भरोसा है। उनके मुताबिक, पार्टी की मजबूती के लिए जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह समय के साथ सामने आएगा।

मुख्यमंत्री बनने की इच्छा नहीं, खड़गे

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की कोई ऐसी इच्छा नहीं है, जो मीडिया में दिखाई जा रही है। उन्होंने यह साफ किया कि अगर ऐसा कुछ होता है तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ विचार-विमर्श के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर कोई तात्कालिक फैसला नहीं लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री पद को लेकर लड़ाई

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर शुरू हुई लड़ाई कर्नाटक की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन चुका है। पिछले साल नवंबर में जब कर्नाटक सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा किया, तो यह विवाद और बढ़ गया। डीके शिवकुमार के समर्थकों ने दिल्ली में डेरा डालकर पार्टी नेतृत्व से उनकी पदोन्नति की मांग की थी। शिवकुमार ने इस विवाद को और बढ़ाते हुए यह दावा किया कि कर्नाटक चुनाव के दौरान सिद्धारमैया के साथ उनके बीच एक गुप्त समझौता हुआ था।

सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच समझौता

साल 2023 में कर्नाटका विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस को मिली जीत के बाद मुख्यमंत्री के चयन में भी असमंजस था। पार्टी के अंदर वरिष्ठता और लोकप्रियता के आधार पर सिद्धारमैया का नाम सामने आया। हालांकि, इस चुनावी जीत के बाद एक ऐसा समझौता हुआ था, जिसमें यह कहा गया था कि सिद्धारमैया पहले मुख्यमंत्री बनेंगे, और डीके शिवकुमार को सरकार के दूसरे हिस्से में जिम्मेदारी दी जाएगी।

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