अंबेडकरनगर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किछौछा दरगाह पर धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि दरगाह परिसर में लगातार धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही हैं, जिसमें हिंदू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ में फंसाया जा रहा है। बजरंग दल के प्रांत परिवर्तन प्रमुख अरविंद पांडे ने बताया कि उनकी मुख्य मांग ‘लव जिहाद’ में शामिल खानकाहों, मौलानाओं और गेस्ट हाउसों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गेस्ट हाउस और खानकाहें अवैध रूप से संचालित हो रही हैं, जिनके पास नगर पंचायत से कोई नक्शा पास नहीं है। पांडे ने इन्हें सूचीबद्ध कर ध्वस्त करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद, स्थानीय थानाध्यक्ष और थाने की भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण खानकाहों और गेस्ट हाउसों में न तो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, न ही रजिस्टर मेंटेन किए गए और न ही आधार सत्यापन कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘महिला मस्जिद’ (शीशे वाली नजार) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि यहां मुस्लिम महिलाओं और जिहादियों द्वारा हिंदू महिलाओं और नाबालिग किशोरियों को ले जाकर बुर्का पहनाकर नमाज पढ़वाई जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्यों और जिलों से हिंदू महिलाओं और नाबालिग किशोरियों को लाकर खानकाहों में उनका कथित तौर पर बलात्कार और धर्मांतरण किया जाता है, जिस पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। बजरंग दल ने किछौछा में सरकारी जमीनों पर अवैध मजारें बनाकर ‘लैंड जिहाद’ करने का आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पवित्र नीर सरोवर में स्थित कमला पंडित के स्थान को मुसलमानों द्वारा कथित रूप से भ्रष्ट करने और चढ़ावा बंद कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज इस हिंदू पूजा स्थल की जांच कर पुनः पूजा पाठ प्रारंभ कराया जाए। अरविंद पांडे ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।


