Doctors Retirement Age : राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने एवं सेवा विस्तार के प्रस्ताव का विरोध किया है। संगठन की ओर से प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में वरिष्ठ स्तर, विशेषकर प्रोफेसर पद पर किसी प्रकार की उल्लेखनीय कमी नहीं है।
एसोसिएशन का तर्क है कि बड़ी संख्या में युवा और योग्य चिकित्सक संविदा पर कार्यरत हैं और नियमित नियुक्ति और पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में सेवा विस्तार या सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि से उनके अवसर बाधित होंगे और भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होगी।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि अगर सीनियर डॉक्टरों की नौकरी की उम्र बढ़ाई गई तो युवा डॉक्टरों की प्रोन्नति रुक जाएगी और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली नहीं होंगे। इससे युवाओं के रोजगार के अवसर कम हो जाएंगे और मेडिकल पढ़ाई में रुचि भी घटेगी।
युवा और योग्य शिक्षक नियमित नौकरी का कर रहे हैं इंतजार
RMCTA के अध्यक्ष डॉ. धीरज जेफ ने कहा, हम सरकार द्वारा रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने या सेवा विस्तार देने के किसी भी प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हैं। प्रोफेसर स्तर पर फिलहाल कोई उल्लेखनीय कमी नहीं है। इसके बजाय कई युवा और योग्य शिक्षक कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं और नियमित नौकरी तथा तरक्की के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं।
वीआरएस प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की मांग
संगठन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की मांग भी उठाई है, ताकि कार्यबल की बेहतर योजना बन सके और नए चिकित्सकों को समय पर अवसर मिल सके। आरएमसीटीए ने सरकार से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर चिकित्सा शिक्षा प्रणाली के व्यापक हित में संतुलित निर्णय लेने की मांग की है।
वर्ष 2018 में रिटायरमेंट उम्र बढ़ाई थी
वर्ष 2018 में सरकार ने मेडिकल शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल से बढ़ाकर 65 साल कर दी थी। वर्तमान में मेडिकल शिक्षा विभाग में शिक्षण पदों पर रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है, जबकि प्रशासनिक पदों पर यह 62 साल ही है। अभी मेडिकल शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।


