पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड क्षेत्र में बुधवार देर शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया और तेज हवाओं ने कई कच्चे घरों के छप्पर उड़ा दिए। कई स्थानों पर शादी-पंडाल भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे समारोहों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंधी के दौरान बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। दर्जनों बिजली पोल गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। बिजली विभाग के अनुसार स्थिति सामान्य करने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। विशेष रूप से मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, गन्ना की फसल को इस बारिश से कुछ हद तक लाभ मिलने की बात कही जा रही है। प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा ले रही है और राहत कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड क्षेत्र में बुधवार देर शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया और तेज हवाओं ने कई कच्चे घरों के छप्पर उड़ा दिए। कई स्थानों पर शादी-पंडाल भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे समारोहों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंधी के दौरान बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। दर्जनों बिजली पोल गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। बिजली विभाग के अनुसार स्थिति सामान्य करने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। विशेष रूप से मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, गन्ना की फसल को इस बारिश से कुछ हद तक लाभ मिलने की बात कही जा रही है। प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा ले रही है और राहत कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।


