पश्चिम चंपारण के बेतिया शहर में श्री राम-जानकी रथ यात्रा का आगमन हुआ। शहर के प्रसिद्ध मां काली धाम मंदिर परिसर में इस रथ का भव्य स्वागत किया गया। श्री राम सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने विधि-विधान से रथ का पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। चारों ओर “जय श्री राम” और “जय माता जानकी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। रथ के स्वागत को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखी गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रथ की विधिवत आरती की गई, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य यह रथ यात्रा सीता नवमी के अवसर पर अयोध्या से शुरू हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य भगवान श्री राम और माता सीता के आदर्शों का प्रचार-प्रसार करना तथा लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना है। यह यात्रा विभिन्न नगरों और गांवों से होते हुए अंततः सीतामढ़ी पहुंचेगी, जिसे माता जानकी की जन्मस्थली के रूप में धार्मिक महत्व प्राप्त है। बजरंग दल के कार्यकर्ता भी रहे उपस्थित बेतिया में रथ के आगमन पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। इस पूरे आयोजन ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम और माता जानकी से समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होने की प्रार्थना की। पश्चिम चंपारण के बेतिया शहर में श्री राम-जानकी रथ यात्रा का आगमन हुआ। शहर के प्रसिद्ध मां काली धाम मंदिर परिसर में इस रथ का भव्य स्वागत किया गया। श्री राम सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने विधि-विधान से रथ का पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। चारों ओर “जय श्री राम” और “जय माता जानकी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। रथ के स्वागत को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखी गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रथ की विधिवत आरती की गई, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य यह रथ यात्रा सीता नवमी के अवसर पर अयोध्या से शुरू हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य भगवान श्री राम और माता सीता के आदर्शों का प्रचार-प्रसार करना तथा लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना है। यह यात्रा विभिन्न नगरों और गांवों से होते हुए अंततः सीतामढ़ी पहुंचेगी, जिसे माता जानकी की जन्मस्थली के रूप में धार्मिक महत्व प्राप्त है। बजरंग दल के कार्यकर्ता भी रहे उपस्थित बेतिया में रथ के आगमन पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। इस पूरे आयोजन ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम और माता जानकी से समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होने की प्रार्थना की।


