पटना में नालंदा रेजीडेंसी हॉस्टल में नीट के छात्र श्रेयम ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। श्रेयम मुजफ्फरपुर के भगवानपुर का रहने वाला था। पिछले 2 साल से नालंदा रेजीडेंसी के फ्लैट नंबर 303 में रह रहा था। सुसाइड से पहले छात्र ने 2 पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें अपने माता-पिता को सॉरी बोला। प्रिया नाम की किसी लड़की के लिए चॉकलेट रखी, उसे अपनी तरफ से आखिरी गिफ्ट बताया। लेटर में श्रेयम ने इसके पहले भी सुसाइड अटैंप्ट करने की बात कही है। अपनी मानसिक परेशानियों और खराब हेल्थ का भी जिक्र किया है।…पढ़िए छात्र का सुसाइड नोट… श्रेयम ने लिखा ‘प्रिय मम्मी पापा मुझे माफ करना। पापा सोसाइटी में जिस तरीके से आपकी पहचान है, वैसा मैं नहीं बन पाया। पिछले कुछ महीनों से मैं ठीक से सो नहीं पाया हूं। ठीक से नींद नहीं आई है। खुद को मेंटल डिसऑर्डर समझ रहा हूं’। ‘बेड पर लेटाता हूं, तो लगता है मन घबरा रहा है। कभी-कभी ऐसा लगता है कि सांस भी फंस जा रही हैं। डाइजेशन पर भी काफी असर पड़ा है। 3 महीने पहले से इसके बारे में सोच रहा था, लेकिन दादा जी की तबीयत खराब होने के चलते मैं सुसाइड नहीं कर पाया’। ‘15 अप्रैल को मैं सुसाइड करने वाला था। पापा मुझे आप माफ करना आपकी ओर से किसी चीज की कमी मुझे नहीं रही। अगले जन्म में मैं अच्छा इंसान और बेटा बनने का प्रयास करूंगा। मेरी आखिरी विश है कि आप दोनों सही से रहेंगे। समय के साथ धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा।मैं आपसे घर आने के लिए कहा था, लेकिन अब कभी नहीं आऊंगा।’ इधर पुलिस के हाथ TAB से कुछ नोट मिले हैं, जिसमें किसी लड़की का जिक्र है। एक चॉकलेट रैपर के साथ लिखा है “प्रिया यह मेरी ओर से आखरी गिफ्ट’ श्रेयम के साथी ने कहा- कुछ दिनों से बहुत शांत था बगल के कमरे के छात्र अंश ने बताया, पिछले 3 दिनों से श्रेयम शांत दिख रहा था। कभी-कभी हम लोगों के कमरे में आता था। बातचीत होती थी, लेकिन इससे पहले कभी इस तरीके से उसे शांत नहीं देखा था। कल देर रात तक उसके कमरे से फोन पर बातचीत की आवाज आ रही थी। सुबह आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुल रहा था। हॉस्टल की कुछ भइया लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो अपने बेड पर पड़ा था। श्रेयम का एक और भाई इसी हॉस्टल में रहता हॉस्टल के ओनर बृजेश कुमार ने बताया कि श्रेयम का एक और भाई शुभम यहां रहता है। रात लगभग 1 बजे के करीब उससे श्रेयम की सीढ़ी पर मुलाकात हुई थी। श्रेयम पानी लेकर अपने रूम में उस वक्त जा रहा था। सुबह में श्रयस दरवाजा नहीं खोल रहा था। श्रेयम का कजन शुभम और हॉस्टल के वार्डन पहुंच कर दरवाजा खोलें। पुलिस मामले की जांच कर रही श्रेयम की लाश बेड पर थी। इसी बीच श्रेयम की मां आई, जिन्होंने उसको मेरे यहां हॉस्टल में रखवाया था। उन्होंने आने के साथ पानी वगैरह का छींटा। सीने पर पंप भी किया। इसके बाद जल्दबाजी में अस्पताल गए। तब तक मैंने डायल-112 को कॉल किया, लेकिन डायल-112 की टीम नहीं आई। फिर मैंने अपने बेटे को थाने पर भेजा। पुलिस आई है। कमरे से बोतल कप, चम्मच, चादर और पॉइजन के डिब्बे जब्त कर लिए हैं। कमरे को सील कर दिया गया है। फिलहाल एस केपुरी थाने की पुलिस ने छात्र के कमरे को सील कर दिया है। उसके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे टैब, मोबाइल जप्त किए गए हैं। पटना में नालंदा रेजीडेंसी हॉस्टल में नीट के छात्र श्रेयम ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। श्रेयम मुजफ्फरपुर के भगवानपुर का रहने वाला था। पिछले 2 साल से नालंदा रेजीडेंसी के फ्लैट नंबर 303 में रह रहा था। सुसाइड से पहले छात्र ने 2 पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें अपने माता-पिता को सॉरी बोला। प्रिया नाम की किसी लड़की के लिए चॉकलेट रखी, उसे अपनी तरफ से आखिरी गिफ्ट बताया। लेटर में श्रेयम ने इसके पहले भी सुसाइड अटैंप्ट करने की बात कही है। अपनी मानसिक परेशानियों और खराब हेल्थ का भी जिक्र किया है।…पढ़िए छात्र का सुसाइड नोट… श्रेयम ने लिखा ‘प्रिय मम्मी पापा मुझे माफ करना। पापा सोसाइटी में जिस तरीके से आपकी पहचान है, वैसा मैं नहीं बन पाया। पिछले कुछ महीनों से मैं ठीक से सो नहीं पाया हूं। ठीक से नींद नहीं आई है। खुद को मेंटल डिसऑर्डर समझ रहा हूं’। ‘बेड पर लेटाता हूं, तो लगता है मन घबरा रहा है। कभी-कभी ऐसा लगता है कि सांस भी फंस जा रही हैं। डाइजेशन पर भी काफी असर पड़ा है। 3 महीने पहले से इसके बारे में सोच रहा था, लेकिन दादा जी की तबीयत खराब होने के चलते मैं सुसाइड नहीं कर पाया’। ‘15 अप्रैल को मैं सुसाइड करने वाला था। पापा मुझे आप माफ करना आपकी ओर से किसी चीज की कमी मुझे नहीं रही। अगले जन्म में मैं अच्छा इंसान और बेटा बनने का प्रयास करूंगा। मेरी आखिरी विश है कि आप दोनों सही से रहेंगे। समय के साथ धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा।मैं आपसे घर आने के लिए कहा था, लेकिन अब कभी नहीं आऊंगा।’ इधर पुलिस के हाथ TAB से कुछ नोट मिले हैं, जिसमें किसी लड़की का जिक्र है। एक चॉकलेट रैपर के साथ लिखा है “प्रिया यह मेरी ओर से आखरी गिफ्ट’ श्रेयम के साथी ने कहा- कुछ दिनों से बहुत शांत था बगल के कमरे के छात्र अंश ने बताया, पिछले 3 दिनों से श्रेयम शांत दिख रहा था। कभी-कभी हम लोगों के कमरे में आता था। बातचीत होती थी, लेकिन इससे पहले कभी इस तरीके से उसे शांत नहीं देखा था। कल देर रात तक उसके कमरे से फोन पर बातचीत की आवाज आ रही थी। सुबह आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुल रहा था। हॉस्टल की कुछ भइया लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो अपने बेड पर पड़ा था। श्रेयम का एक और भाई इसी हॉस्टल में रहता हॉस्टल के ओनर बृजेश कुमार ने बताया कि श्रेयम का एक और भाई शुभम यहां रहता है। रात लगभग 1 बजे के करीब उससे श्रेयम की सीढ़ी पर मुलाकात हुई थी। श्रेयम पानी लेकर अपने रूम में उस वक्त जा रहा था। सुबह में श्रयस दरवाजा नहीं खोल रहा था। श्रेयम का कजन शुभम और हॉस्टल के वार्डन पहुंच कर दरवाजा खोलें। पुलिस मामले की जांच कर रही श्रेयम की लाश बेड पर थी। इसी बीच श्रेयम की मां आई, जिन्होंने उसको मेरे यहां हॉस्टल में रखवाया था। उन्होंने आने के साथ पानी वगैरह का छींटा। सीने पर पंप भी किया। इसके बाद जल्दबाजी में अस्पताल गए। तब तक मैंने डायल-112 को कॉल किया, लेकिन डायल-112 की टीम नहीं आई। फिर मैंने अपने बेटे को थाने पर भेजा। पुलिस आई है। कमरे से बोतल कप, चम्मच, चादर और पॉइजन के डिब्बे जब्त कर लिए हैं। कमरे को सील कर दिया गया है। फिलहाल एस केपुरी थाने की पुलिस ने छात्र के कमरे को सील कर दिया है। उसके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे टैब, मोबाइल जप्त किए गए हैं।


