बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में गर्भपात के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने एक निजी हेल्थ सेंटर पर गंभीर लापरवाही और पैसों के लालच में अधूरा इलाज करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद हंगामा हो गया। यह घटना इस्लामनगर के टंकी मोहल्ला स्थित मौर्य हेल्थ केयर सेंटर में हुई। नगला बारह गांव की निवासी ललिता (पत्नी विकास) का यहां गर्भपात कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर इरशाद ने अल्ट्रासाउंड में बच्चे को खराब बताकर गर्भपात की सलाह दी थी। इसके लिए कथित तौर पर 60 हजार रुपये का सौदा तय हुआ था। परिजनों का आरोप है कि पैसे लेने के बाद गर्भपात की प्रक्रिया ठीक से पूरी नहीं की गई। इसके कारण महिला की हालत बिगड़ गई और उसी दौरान उसकी मौत हो गई। उनका यह भी कहना है कि हालत बिगड़ने के बावजूद ललिता को किसी अन्य अस्पताल में रेफर नहीं किया गया और उसे समय पर उचित इलाज नहीं मिला। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि ललिता की हालत बिगड़ते ही डॉक्टर इरशाद और नर्स इशरत मौके से फरार हो गए। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने हेल्थ सेंटर के बाहर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।


