हनुमानगढ़ जिले के भादरा कस्बे में फर्जी बायोमेट्रिक के जरिए आधार कार्ड बनाने के मामले में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है।
भिरानी थाना पुलिस ने इस मामले में डीओआईटी के प्रोग्रामर दिनेश कुमार, सहायक प्रोग्रामर रामनिवास सोनी और संविदाकर्मी रवि शीला को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब 17 अप्रैल को एटीएस जयपुर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने भादरा कस्बे में एक अवैध आधार सेंटर पर छापा मारा था। इस दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप शर्मा को लैपटॉप, प्रिंटर, बायोमेट्रिक उपकरण और अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर क्राइम में हो रहा था फर्जी आधार कार्डों का उपयोग
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह गिरोह फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहा था। इन फर्जी आधार कार्डों का उपयोग फर्जी सिम कार्ड जारी करने, साइबर अपराधों और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में होने की आशंका है। इसी गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डीओआईटी के प्रोग्रामर दिनेश कुमार (निवासी नई खुंजा, हनुमानगढ़ जंक्शन, हाल किराएदार भादरा), सहायक प्रोग्रामर रामनिवास सोनी (निवासी अनूपशहर, भादरा) और संविदाकर्मी आर-स्वान इंजीनियर रवि शीला (निवासी चनाण, भादरा) को गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय में पेश कर 2 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। 4 आरोपियों को पहले पकड़ा जा चुका
इस मामले में इससे पहले भी 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इन तीन नई गिरफ्तारियों के साथ, अब तक कुल 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए और उनका उपयोग किन-किन आपराधिक गतिविधियों में किया गया। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। यूआईडीएआई (UIDAI) और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।


