बैडमिंटन विश्व महासंघ ने खेल के अंक प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए 3 गेम में 15 अंक का नया नियम लागू करने का फैसला किया है। बता दें कि यह नया नियम 4 जनवरी 2027 से लागू होगा, जिसे महासंघ की वार्षिक बैठक में दो-तिहाई बहुमत से मंजूरी मिली है।इस फैसले पर भारतीय कोच विमल कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे दूरदर्शिता की कमी बताते हुए कहा कि इससे खेल की असली चुनौती और गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। गौरतलब है कि बैडमिंटन को हमेशा सहनशक्ति, कौशल और मानसिक मजबूती के खेल के रूप में देखा जाता रहा है, ऐसे में इस बदलाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।वहीं, दूसरी ओर भारत के मुख्य कोच पुल्लेला गोपीचंद का नजरिया अलग है। मौजूद जानकारी के अनुसार, उन्होंने पहले ही संकेत दिए थे कि 15 अंक प्रणाली चोटिल खिलाड़ियों के लिए राहत भरी हो सकती है, क्योंकि मौजूदा 21 अंक प्रणाली में खेल काफी ज्यादा शारीरिक रूप से कठिन हो गया है।खिलाड़ियों की बात करें तो इस बदलाव पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ओलंपियन और चार बार राष्ट्रमंडल खेल पदक विजेता अपर्णा पोपट का मानना है कि नए प्रारूप में शुरुआत काफी अहम होगी और वापसी करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे खिलाड़ियों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं अनुभवी कोच उदय पवार ने चिंता जताई है कि इससे खेल का आकर्षण कम हो सकता है।इसी बीच उबर कप में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन के खिलाफ 4-1 से जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि पहले मुकाबले में डेनमार्क से करीबी हार के बाद यह जीत टीम के लिए काफी अहम मानी जा रही है। इस जीत के साथ भारत ने क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया है।कुल मिलाकर, एक ओर जहां बैडमिंटन में नए नियम को लेकर बहस जारी है, वहीं दूसरी ओर भारतीय टीम का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला नजर आ रहा है और आने वाले समय में यह बदलाव खेल को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।
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