मिर्च जैसी जलन और बार-बार पेशाब! ये 6 लक्षण महिलाएं कभी न करें नजअंदाज, हो सकती है खतरनाक बीमारी

मिर्च जैसी जलन और बार-बार पेशाब! ये 6 लक्षण महिलाएं कभी न करें नजअंदाज, हो सकती है खतरनाक बीमारी

UTI Cause: क्या आपको भी बार-बार बाथरूम भागना पड़ रहा है और वहां जाकर ऐसा लगता है जैसे मिर्च लग गई हो? अगर हां, तो इसे मामूली गर्मी मत मानिए। ये UTI (पेशाब का इन्फेक्शन) है। यह समस्या औरतों में ज्यादा होती है, लेकिन पुरुष भी इससे अछूते नहीं हैं। लोग शर्म के कारण बताते नहीं हैं और बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है। आइये, डॉक्टर अंकिता  (फिजिशियन) से जानते हैं UTI के कौनसे 6 लक्षण महिलाएं नजअंदाज कर देती हैं।

1. थोड़ी जलन ही तो है, पानी कम पिया होगा

महिलाएं अक्सर पेशाब की हल्की जलन को यह कहकर टाल देती हैं कि “आज पानी कम पिया है” या “धूप में ज्यादा घूम ली थी”। वे इसे यूरिन इन्फेक्शन (UTI) का पहला संकेत नहीं मानतीं, जो आगे चलकर इन्फेक्शन को बढ़ा देता है।

2. बार-बार वॉशरूम जाना (Frequency)

अगर दिन भर में बार-बार बाथरूम भागना पड़ रहा है, तो महिलाएं इसे ‘ज्यादा चाय पी ली’ या ‘उम्र का असर’ समझ लेती हैं। जबकि यह ब्लैडर (पेशाब की थैली) में इन्फेक्शन की सूजन का साफ संकेत है।

3. पेट के निचले हिस्से (Pelvic Area) में भारीपन

पीरियड्स न होने पर भी अगर पेट के नीचे वाले हिस्से में खिंचाव या दबाव महसूस हो रहा है, तो महिलाएं इसे ‘गैस’ या ‘थकान’ मान लेती हैं। असल में यह अंदरूनी इन्फेक्शन के कारण होने वाली सूजन हो सकती है।

4. यूरिन से आने वाली अजीब बदबू

यूरिन में से तीखी या गंदी बदबू आने पर महिलाएं इसे सफाई की कमी समझकर इग्नोर कर देती हैं। लेकिन बदबूदार पेशाब इस बात का पक्का सबूत है कि शरीर के अंदर बैक्टीरिया अपना घर बना चुके हैं।

5. रात में बार-बार नींद टूटना

रात को बार-बार पेशाब के लिए उठना कोई सामान्य बात नहीं है। महिलाएं इसे नींद की कमी या तनाव मान लेती हैं, जबकि यह इन्फेक्शन की वजह से ब्लैडर की बढ़ी हुई संवेदनशीलता का संकेत है।

6 . हल्का बुखार और कमजोरी

बिना किसी सर्दी-खांसी के अगर शरीर में हरारत (हल्का बुखार) और सुस्ती बनी हुई है, तो महिलाएं इसे काम की थकान समझती हैं। जबकि UTI फैलने पर शरीर इसी तरह के संकेत देता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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