खुटौना प्रखंड क्षेत्र में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब दस बजे पश्चिम और उत्तर दिशा से आए घने बादलों के कारण दिन में ही रात जैसा नजारा छा गया। इसके साथ ही तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खराब मौसम के कारण सड़कों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसर गया और वाहन चालकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग रास्ते में ही फंस गए और सुरक्षित ठिकानों की तलाश करते दिखे। मौसम में अचानक आए इस बदलाव के कारण लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हो गए। जो लोग घर से बाहर थे, वे जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोगों में डर का माहौल बन गया। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने खुटौना क्षेत्र के जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। खुटौना प्रखंड क्षेत्र में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब दस बजे पश्चिम और उत्तर दिशा से आए घने बादलों के कारण दिन में ही रात जैसा नजारा छा गया। इसके साथ ही तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खराब मौसम के कारण सड़कों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसर गया और वाहन चालकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग रास्ते में ही फंस गए और सुरक्षित ठिकानों की तलाश करते दिखे। मौसम में अचानक आए इस बदलाव के कारण लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हो गए। जो लोग घर से बाहर थे, वे जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोगों में डर का माहौल बन गया। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने खुटौना क्षेत्र के जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।


