बरेली। नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आते ही प्रशासनिक टीम ने सख्त रुख दिखाया। वार्ड हारू नगला में हजारों वर्ग मीटर भूमि पर डेयरी चलाने और अस्थायी ढांचे खड़े कर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन मौके पर विरोध के चलते टीम को तीन दिन की मोहलत देनी पड़ी।
16,550 वर्ग मीटर भूमि में से 2000 पर कब्जा
नगर निगम बरेली की भूमि गाटा संख्या 386, 440 और 452, कुल क्षेत्रफल 16,550 वर्ग मीटर पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। जांच में सामने आया कि करीब 2000 वर्ग मीटर जमीन पर डेयरी का संचालन किया जा रहा है और तीन अस्थायी शेड बनाकर लोग रह भी रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत 10 अप्रैल 2026 को श्रीमती मिथिलेश पत्नी राम सेवक ने प्रार्थना पत्र देकर की थी। जांच के दौरान नगर निगम की टीम ने मौके पर अतिक्रमण की पुष्टि की। बताया गया कि यह भूमि मछली पालन के लिए लीज पर दी गई थी, लेकिन इसका दुरुपयोग करते हुए कब्जा कर लिया गया।
ध्वस्तीकरण शुरू होते ही महिलाओं का विरोध
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम की प्रवर्तन टीम, प्रभारी अतिक्रमण, राजस्व निरीक्षक टिंकू सिंह, सच्चिदानंद और मानचित्रकार रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और अवैध डेयरी व शेड हटाने की कार्रवाई शुरू की। जैसे ही बुलडोजर चला, मौके पर मौजूद महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया और सामान निकालने के लिए समय मांगने लगीं। विरोध की स्थिति को देखते हुए टीम ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। निर्देशानुसार अतिक्रमणकारियों को तीन दिन का समय दिया गया है। साफ चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण पूरा किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की प्रवर्तन टीम, राजस्व विभाग के अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


