लखनऊ की शकुंतला यूनिवर्सिटी बीए फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट की रैगिंग की गई है। पीड़ित छात्र ने अपने 5 सीनियर के खिलाफ पारा थाने में शिकायत दी, जिस पर FIR दर्ज कर ली गई है। पीड़ित ने इसमें बेल्ट से मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित छात्र गौरव कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 22 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि को विश्वविद्यालय परिसर में हुई बताई जा रही है। गौरव कुमार ने अपनी तहरीर में विश्वविद्यालय के पांच सीनियर स्टूडेंट्स – अंकित, हरीश, आकाश, राम नरेश और नाजिम अलीम का नाम लिखा है। प्रॉक्टर और वार्डन पर साथ देने का आरोप शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने मारपीट के साथ-साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज भी की। पीड़ित ने इसे रैगिंग का कृत्य बताया है, क्योंकि वह प्रथम वर्ष का छात्र है और आरोपी सीनियर हैं। हमले में गौरव कुमार को गंभीर चोटें आई हैं, जिसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से हुई है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद प्रॉक्टर और वार्डन पैनल ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें विश्वविद्यालय की गाड़ी से सुरक्षित घर पहुंचाया, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। पुलिस बोली- जांच जारी, आरोपियों पर कार्रवाई होगी पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश रैगिंग प्रतिषेध अधिनियम 2010 और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। उसने विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच और अपनी-परिवार की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। इस मामले में पारा थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


