राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी की आग अब बुझ चुकी है, लेकिन उसके पीछे के कारणों का ‘धुआं’ गहराता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई इस भीषण आगजनी ने अब जांच एजेंसियों को एक नई और खतरनाक दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या यह महज एक तकनीकी खराबी थी या फिर सरहद पार से किया गया कोई ‘साइबर हमला’? एजेंसियां अब रिफाइनरी के डिजिटल नर्वस सिस्टम को खंगाल रही हैं।
FSL की एंट्री: ग्राउंड जीरो से जुटाए जा रहे सबूत
हाल ही में जांच एजेंसियों की एक उच्च स्तरीय टीम ने पचपदरा रिफाइनरी के घटना स्थल का दौरा किया। टीम की मौजूदगी में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के विशेषज्ञों ने जले हुए मलबे, तार और कंट्रोल पैनल के नमूने लिए हैं।

- बारीकी से निरीक्षण: एफएसएल की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आग किसी केमिकल रिएक्शन से लगी या फिर शॉर्ट सर्किट जानबूझकर किया गया था।
- नमूनों की जांच: लिए गए नमूनों को जयपुर स्थित लैब में भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट अगले 48 घंटों में आने की उम्मीद है।
साइबर हमले की रडार पर ‘डिजिटल सिस्टम’

रिफाइनरी को देश का सबसे आधुनिक और हाईटेक प्रोजेक्ट बताया गया था, जहाँ सब कुछ ऑटोमेटिक कंट्रोल यूनिट्स से संचालित होता है।
- कंट्रोल यूनिट्स की जांच: साइबर एक्सपर्ट्स यह देख रहे हैं कि क्या हादसे के वक्त कंट्रोल सिस्टम को ‘हाइजेक’ किया गया था?
- डेटा फॉरेंसिक: रिफाइनरी के डिजिटल लॉग्स और सर्वर डेटा को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि क्या किसी बाहरी आईपी एड्रेस (IP Address) ने सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश की थी।
- सुरक्षा एजेंसियों का डेरा: सूत्रों के अनुसार, आगामी 2 से 3 दिनों तक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां रिफाइनरी क्षेत्र में ही डेरा डालकर इस ‘साइबर एंगल’ की कड़ी से कड़ी जोड़ेंगी।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले ‘अदृश्य हमला’?

जांच का मुख्य केंद्र यह है कि यह घटना ठीक उसी समय क्यों हुई जब प्रधानमंत्री का दौरा प्रस्तावित था?
- इम्पैक्ट एनालिसिस: क्या यह हमला केवल रिफाइनरी को नुकसान पहुँचाने के लिए था या प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने के लिए?
- प्रतिबंधित क्षेत्र: फिलहाल रिफाइनरी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आमजन और गैर-जरूरी स्टाफ की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
राजस्थान पुलिस और एजेंसियों का ‘ज्वाइंट ऑपरेशन’
राजस्थान पुलिस के आला अधिकारी लगातार केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं। तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े हर छोटे पहलू की रिपोर्ट सीधे गृह विभाग को भेजी जा रही है। बालोतरा और पचपदरा के आसपास के नेटवर्क टावरों का डेटा भी डंप किया जा रहा है ताकि संदिग्ध मोबाइल गतिविधियों का पता लगाया जा सके।


