जौनपुर जनपद में बढ़ते तापमान के साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेतहाशा बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है। विद्युत विभाग जहां निर्बाध आपूर्ति का दावा कर रहा है, वहीं जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। विद्युत विभाग के अनुसार, शहर में 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 21.30 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली दी जा रही है। हालांकि, पड़ताल में सामने आया है कि गांवों में केवल 10 से 12 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 15 से 18 घंटे और शहर में 20 से 22 घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। स्थानीय फाल्ट, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। सिंगरामऊ और मड़ियाहूं क्षेत्र की स्थिति सबसे खराब है। सिंगरामऊ उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को महज पांच से सात घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वहीं, मड़ियाहूं नगर के गोला बाजार, काजीकोट, कजियाना और मिश्राना जैसे आधा दर्जन मोहल्लों में पिछले चार दिनों से ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण अंधेरा छाया हुआ है। इन इलाकों में मात्र तीन से चार घंटे की आपूर्ति हो रही है, जिससे नागरिकों में भारी आक्रोश है। मधुपुर और पवारा फीडर में शाम के समय बिजली पूरी तरह गुल रहती है और रात 11 बजे के बाद ही आती है। बदलापुर और महराजगंज में भी फाल्टों के बीच 10 से 12 घंटे की आपूर्ति मिल रही है। खुटहन और तेजी बाजार क्षेत्र में भी हालात अलग नहीं हैं। तेजी बाजार में तो ट्रांसफार्मर का केबल उड़ जाने से गुरुवार रात से ही आपूर्ति ठप पड़ी है। मीरगंज क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र गोपालपुर व जंघई से भी विभिन्न गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है।


