नोएडा से पकड़े गए ISI के 2 संदिग्ध आतंकी ,ग्रेनेड धमाके और टारगेट किलिंग की थी तैयारी, हथियार बरामद

नोएडा से पकड़े गए ISI के 2 संदिग्ध आतंकी ,ग्रेनेड धमाके और टारगेट किलिंग की थी तैयारी, हथियार बरामद

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने सीमा पार से संचालित हो रहे एक खतरनाक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एटीएस ने गुरुवार को नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और वहां के कुख्यात गैंगस्टर्स के इशारे पर भारत में बड़ी तबाही मचाने की फिराक में थे।

दोनों की नोएडा से हुई गिरफ्तारी

एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान (20) और समीर खान (20) के रूप में हुई है। दोनों को गुरुवार को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

स्लीपर सेल तैयार होने की मिली थी इनपुट

एटीएस को पहले से इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर कुछ गैंगस्टर और कट्टरपंथी तत्व भारत में युवाओं को बहकाकर स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि मेरठ निवासी तुषार चौहान सोशल मीडिया के माध्यम से इन गैंगस्टर्स के संपर्क में आया और धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर आकर्षित हो गया। वह इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानियों से जुड़ा और बाद में वॉइस व वीडियो कॉल के जरिए बातचीत करने लगा।

‘हत्या करो और दुबई के रास्ते पाकिस्तान आओ’

आरोप है कि उसे कुछ लोगों पर ग्रेनेड फेंकने और हत्या करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उसे 50 हजार रुपए अग्रिम और काम पूरा होने पर ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया गया था। साथ ही पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान ले जाने की भी बात कही गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि समीर खान भी सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था और एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से बातचीत करता था। उसे ‘टीटीएच’ (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) दीवारों पर लिखने और अन्य लोगों को जोड़ने का काम सौंपा गया था।

पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के इशारे पर कर रहे थे रेकी

दोनों आरोपी कथित तौर पर संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे और निर्देश मिलने पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार थे। उन्होंने कुछ लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दी थीं, जिनमें कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े रहते थे।

एटीएस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के एटीएस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 148, 152, 61(2), आयुध अधिनियम 1959 की धारा 3/4/25 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की धाराओं 13/18 के तहत मामला दर्ज किया है।

दोनों को संबंधित न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एटीएस अब इनके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।

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