Agra News: सूरज की तपिश और भीषण गर्मी को देखते हुए आगरा मंडल के मंडलायुक्त (कमिश्नर) नगेंद्र प्रताप सिंह ने मजदूरों और आम जनता के बचाव के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में दोपहर के समय काम करने पर पाबंदी लगा दी है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक काम पर रोक
बढ़ते तापमान और ‘हीट-वेव’ (लू) के खतरे को देखते हुए मंडलायुक्त ने आदेश दिया है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक मजदूरों से कोई काम नहीं कराया जाएगा। यह नियम निर्माण साइटों, ईंट-भट्टों और खुले में होने वाले सभी कार्यों पर लागू होगा। इस दौरान श्रमिकों को अनिवार्य रूप से विश्राम दिया जाएगा ताकि वे लू की चपेट में आने से बच सकें। मंडलायुक्त ने चारों जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कार्यस्थलों पर सुविधाओं के निर्देश
श्रमिकों की सुरक्षा के लिए केवल छुट्टी ही नहीं, बल्कि कार्यस्थलों पर अन्य जरूरी इंतजाम करने को भी कहा गया है। सभी नियोक्ताओं और मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मजदूरों के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें:-
- पीने के लिए ठंडा पानी और ओआरएस (ORS) घोल की उपलब्धता।
- आराम करने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान।
- किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के पुख्ता इंतजाम।
- काम के घंटों में बदलाव और बचाव के तरीके
गर्मी के कारण काम का समय भी बदला गया है। औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सलाह दी गई है कि वे श्रमिकों की आपसी सहमति से काम के घंटों को इस तरह तय करें कि मजदूरों को ज्यादा गर्मी न झेलनी पड़े। लू से बचाव के लिए कर्मचारियों को सफेद रंग के सूती कपड़े, पूरी बाजू की शर्ट और सिर पर गमछा रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, भवनों की छतों पर सफेद पेंट या ‘कूल रूफ’ तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया है ताकि अंदर का तापमान कम रहे।
दफ्तरों में आगंतुकों के लिए विशेष इंतजाम
यह गाइडलाइन सिर्फ मजदूरों तक सीमित नहीं है। सरकारी और निजी कार्यालयों में आने वाले आगंतुकों (विजिटर्स) की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा। सभी दफ्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी और कूलर की उचित व्यवस्था करें, ताकि काम के सिलसिले में आने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।


