सोनीपत में समाजवादी पार्टी के रमेश खत्री ने भरा नामांकन:मेयर चुनाव नामांकन प्रक्रिया में 35 अधिकारियों की तैनाती; 9 टेबल पर जांच व्यवस्था

सोनीपत में समाजवादी पार्टी के रमेश खत्री ने भरा नामांकन:मेयर चुनाव नामांकन प्रक्रिया में 35 अधिकारियों की तैनाती; 9 टेबल पर जांच व्यवस्था

सोनीपत नगर निगम चुनाव 2026 के तहत मेयर पद के लिए मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जहां पहले दिन समाजवादी पार्टी से मेयर पद के लिए रमेश खत्री ने नामांकन भर दिया है। नामांकन प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां भी मजबूत की गई है। 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चलने वाली नामांकन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन ने न केवल नामांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं, बल्कि उम्मीदवारों और आम लोगों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पहले दिन समाजवादी पार्टी के रमेश खत्री ने भरा नामांकन
नामांकन के पहले ही दिन मेयर पद के लिए समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रमेश खत्री ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी मैदान में एंट्री कर ली। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सोनीपत को अपना नामांकन सौंपा। 64 वर्षीय रमेश खत्री उच्च शिक्षित उम्मीदवार हैं, जिन्होंने बीएससी, बीएड और वकालत तक की पढ़ाई की है। उनकी पहचान एक ऐसे प्रत्याशी के रूप में रही है जो लगभग हर चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं।
लगातार चुनाव लड़ने का लंबा अनुभव, कई बार निर्दलीय मैदान में उतरे
रमेश खत्री का राजनीतिक सफर काफी लंबा और विविधतापूर्ण रहा है। वह 2014 में सोनीपत लोकसभा और विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ चुके हैं। इसके अलावा जींद, करनाल, नई दिल्ली और राजेंद्र नगर विधानसभा सीटों पर भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। 2019 में सोनीपत और नई दिल्ली लोकसभा से भी उन्होंने चुनाव लड़ा, जबकि 2024 में भी लोकसभा और नगर निगम उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार रहे। खास बात यह है कि इस बार वह पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर मेयर चुनाव लड़ रहे हैं।
हर बार सबसे पहले नामांकन
रमेश खत्री का रिकॉर्ड रहा है कि वे लगभग हर चुनाव में सबसे पहले नामांकन दाखिल करते हैं। इसके साथ ही वे प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं और कई मामलों को अदालत तक लेकर गए हैं। उनकी यह सक्रियता उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग पहचान दिलाती है।
नामांकन प्रक्रिया के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी
निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नामांकन दाखिल करने के दौरान उम्मीदवार के साथ आने वाले लोगों को 100 मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा। केवल उम्मीदवार समेत अधिकतम पांच लोगों को ही नामांकन स्थल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी। यह व्यवस्था कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से लागू की गई है।
9 टेबल पर 35 अधिकारियों की तैनाती, हर प्रक्रिया पर नजर
नामांकन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुल 9 टेबल स्थापित की गई हैं, जिन पर अलग-अलग कार्यों के लिए न्यूनतम 2 और अधिकतम 7 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कुल मिलाकर 35 अधिकारी और कर्मचारी इस पूरी प्रक्रिया में तैनात हैं। इनमें हेल्प डेस्क, नामांकन पत्रों की जांच, मतदाता सूची सत्यापन, सिक्योरिटी जमा, दस्तावेजों की स्कैनिंग और ऑनलाइन अपलोडिंग जैसे कार्य शामिल हैं।
डिजिटल और मैन्युअल दोनों स्तर पर होगी जांच
प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल और मैन्युअल दोनों माध्यमों से जांच की व्यवस्था की है। नामांकन पत्रों की स्कैनिंग, दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना, और मीडिया को जानकारी उपलब्ध कराना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहेगा। इसके अलावा उम्मीदवारों को खर्च से संबंधित दिशा-निर्देश और जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रशासन का फोकस—पारदर्शिता और निष्पक्षता
रिटर्निंग ऑफिसर एवं एडीसी (मेयर) अजय चोपड़ा की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से पालन करें। नामांकन प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक स्टेशनरी और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

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