नवादा जिले के रोह बाजार में स्थाई दुकानों के आगे फुटपाथी दुकानें लगने से यातायात बाधित हो रहा है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण बाजार में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे, मरीज और सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन जूझते हैं। हाल ही में, शादी-ब्याह के सीजन के दौरान सोमवार दोपहर को भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। चिलचिलाती धूप में सैकड़ों राहगीर जाम में फंसे रहे, जिनमें कई स्कूल वैन भी शामिल थे। बाजार में खरीदारी करने आईं महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में फंसे वाहन चालक किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यात्रियों को चढ़ाने के लिए सड़क पर खड़ी यात्री बसों के कारण स्थिति और बिगड़ गई। दमकल जैसी गाड़ियां भी जाम में फंस जाती है
इस तरह के जाम से आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ता है। कई बार पुलिस, एंबुलेंस और दमकल जैसी गाड़ियां भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा रोह बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बाजार में स्थाई दुकानदारों ने भी सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है। वे अपनी दुकानों के आगे 10-15 फीट तक सामान रखते हैं। इसके अतिरिक्त, इन्हीं स्थाई दुकानों के सामने फुटपाथी दुकानें भी लगती हैं। चर्चा है कि फुटपाथी दुकानदारों से स्थाई दुकानदार किराया वसूलते हैं। यह किराया कभी सब्जी-फल के रूप में होता है तो कभी नकद राशि के तौर पर। हालांकि, इस तरह के लेनदेन को लेकर दोनों पक्ष किसी तीसरे व्यक्ति के सामने जानकारी होने से इनकार करते हैं। बड़ी-बड़ी छतरियां लगाकर आधी सड़क को घेर लेते हैं
फुटपाथी दुकानदार भी अपनी मनमानी से समस्या बढ़ा रहे हैं। वे सड़क पर ठेले-खोमचे लगाने के साथ-साथ बड़ी-बड़ी छतरियां लगाकर आधी सड़क को घेर लेते हैं, जिससे यातायात और भी बाधित होता है। जिसके चलते राहगीरों के साथ वाहनों को भी आवागमन में काफी दिक्कत होती है। किसी फुटपाथी दुकानदार को सड़क पर से ठेला खोमचा अथवा छतरी हटाने को कहने पर वो झगड़ा करने लगते हैं। नासूर बन चुकी रोह बाजार में जाम की समस्या प्रशासनिक उदासीनता के कारण बरकरार है। अतिक्रमण हटाने की सारी कवायद धरी की धरी रह गई
चार माह पहले अंचलाधिकारी द्वारा रोह बाजार में चंद घंटे के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की सारी कवायद धरी की धरी रह गई। नतीजा बाजार में हटाया गया थोड़ा सा अतिक्रमण फिर पुरानी स्थिति में आ गया। लोगों ने दोबारा सड़क के किनारों तक को कब्जा कर लिया है। जिसके कारण स्टेट हाइवे 82 की हालत संकीर्ण होकर ग्रामीण सड़क जैसी हो गई है और सुबह से शाम तक कई बार जाम लगने से पब्लिक की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। नवादा जिले के रोह बाजार में स्थाई दुकानों के आगे फुटपाथी दुकानें लगने से यातायात बाधित हो रहा है। सड़क पर दुकानें लगने के कारण बाजार में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे, मरीज और सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन जूझते हैं। हाल ही में, शादी-ब्याह के सीजन के दौरान सोमवार दोपहर को भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। चिलचिलाती धूप में सैकड़ों राहगीर जाम में फंसे रहे, जिनमें कई स्कूल वैन भी शामिल थे। बाजार में खरीदारी करने आईं महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में फंसे वाहन चालक किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यात्रियों को चढ़ाने के लिए सड़क पर खड़ी यात्री बसों के कारण स्थिति और बिगड़ गई। दमकल जैसी गाड़ियां भी जाम में फंस जाती है
इस तरह के जाम से आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ता है। कई बार पुलिस, एंबुलेंस और दमकल जैसी गाड़ियां भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा रोह बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बाजार में स्थाई दुकानदारों ने भी सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है। वे अपनी दुकानों के आगे 10-15 फीट तक सामान रखते हैं। इसके अतिरिक्त, इन्हीं स्थाई दुकानों के सामने फुटपाथी दुकानें भी लगती हैं। चर्चा है कि फुटपाथी दुकानदारों से स्थाई दुकानदार किराया वसूलते हैं। यह किराया कभी सब्जी-फल के रूप में होता है तो कभी नकद राशि के तौर पर। हालांकि, इस तरह के लेनदेन को लेकर दोनों पक्ष किसी तीसरे व्यक्ति के सामने जानकारी होने से इनकार करते हैं। बड़ी-बड़ी छतरियां लगाकर आधी सड़क को घेर लेते हैं
फुटपाथी दुकानदार भी अपनी मनमानी से समस्या बढ़ा रहे हैं। वे सड़क पर ठेले-खोमचे लगाने के साथ-साथ बड़ी-बड़ी छतरियां लगाकर आधी सड़क को घेर लेते हैं, जिससे यातायात और भी बाधित होता है। जिसके चलते राहगीरों के साथ वाहनों को भी आवागमन में काफी दिक्कत होती है। किसी फुटपाथी दुकानदार को सड़क पर से ठेला खोमचा अथवा छतरी हटाने को कहने पर वो झगड़ा करने लगते हैं। नासूर बन चुकी रोह बाजार में जाम की समस्या प्रशासनिक उदासीनता के कारण बरकरार है। अतिक्रमण हटाने की सारी कवायद धरी की धरी रह गई
चार माह पहले अंचलाधिकारी द्वारा रोह बाजार में चंद घंटे के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की सारी कवायद धरी की धरी रह गई। नतीजा बाजार में हटाया गया थोड़ा सा अतिक्रमण फिर पुरानी स्थिति में आ गया। लोगों ने दोबारा सड़क के किनारों तक को कब्जा कर लिया है। जिसके कारण स्टेट हाइवे 82 की हालत संकीर्ण होकर ग्रामीण सड़क जैसी हो गई है और सुबह से शाम तक कई बार जाम लगने से पब्लिक की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।


