अजमेर के जेएलएन अस्पताल में गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों के दावे किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ वार्डों में एसी और कूलर बंद मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और हीट वेव से निपटने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा: सैकड़ों एसी-कूलर, टीम बनाकर जांच के निर्देश उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव के अनुसार अस्पताल में 650 एसी लगे हैं, जिनमें से 35 रिपेयरिंग पर हैं। 27 वाटर कूलर में से 7 खराब हैं। इसके अलावा 5550 पंखों में से 250 और 200 जंबो कूलर में से 25 रिपेयरिंग पर हैं। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप प्रभारी के नेतृत्व में टीम बनाकर सभी वार्डों का निरीक्षण कराया जा रहा है और खराब उपकरणों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। हीट वेव अलर्ट: 10 बेड का अलग वार्ड, परिजनों के लिए भी इंतजाम प्रशासन ने आगामी दिनों में हीट वेव की आशंका को देखते हुए 10 बेड का अलग वार्ड तैयार करने की बात कही है। इसमें जरूरी दवाइयां, इंजेक्शन और ड्रिप की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मल्टी स्टोरी पार्किंग के सेकंड फ्लोर पर करीब 500 लोगों के बैठने की सुविधा विकसित की जा रही है, जहां वाटर कूलर और जंबो कूलर लगाए जाएंगे। ओपीडी और कैजुअल्टी में भी अतिरिक्त कूलर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कई वार्डों में बंद मिले एसी-कूलर दैनिक भास्कर की टीम ने जब अस्पताल के वार्डों का जायजा लिया, तो कई जगह एसी बंद मिले। जंबो कूलर लगे होने के बावजूद कई वार्डों में चालू नहीं थे। वार्ड स्टाफ का कहना है कि कूलरों की सफाई करवाई गई है और जो बंद हैं, उन्हें जल्द ठीक कर चालू किया जाएगा। वहीं कुछ वार्डों में 2010 से लगे एसी भी खराब हालत में पड़े मिले। मरीज बोले: खुद करना पड़ रहा इंतजाम ब्यावर निवासी रुकमा ने बताया कि वह चार दिन से मरीज के साथ अस्पताल में हैं, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिल रही। वार्ड में एसी-कूलर लगे हैं, पर बंद पड़े हैं, इसलिए घर से पंखे लाकर काम चलाना पड़ रहा है। डेगाना निवासी देवीलाल ने बताया कि उनके पिता 10 दिन से भर्ती हैं। वार्ड में एसी बंद है और कूलरों की सफाई के बाद भी अभी तक चालू नहीं हुए हैं। स्टाफ ने जल्द ठीक करने का आश्वासन दिया है।


