जिलाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने नरपतगंज अंचल कार्यालय के निलंबित राजस्व कर्मचारी मो इम्तियाज आलम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप प्रमाणित होने के बाद की गई है। जारी आदेश के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने ग्राम रामघाट कोशकापुर निवासी कमलेश्वरी यादव के भूमि संबंधित ऑनलाइन नाम व रकवा सुधार के आवेदन के निष्पादन के लिए 15,000 रुपये की अवैध राशि की मांग की थी। शिकायत के आधार पर, निगरानी विभाग की टीम ने 20 जनवरी को विशेष कार्रवाई करते हुए मो इम्तियाज आलम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, आरोपी को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया
जांच के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और निगरानी विभाग की रिपोर्ट में आरोपों को पूरी तरह सत्य पाया गया। संचालन पदाधिकारी ने भी अपने प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि की। विभागीय प्रक्रिया के तहत, आरोपी को अपना पक्ष रखने के कई अवसर दिए गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती और भ्रष्ट आचरण से सरकारी छवि को धूमिल किया। अनुशासनिक प्राधिकार ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के आलोक में आरोपी के कृत्य को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन माना। सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया
इसके आधार पर, उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी अररिया ने सरकारी सेवक नियमावली-2005 यथा संशोधित नियमावली-2007 के नियम 14 (Xi) के तहत तत्कालीन राजस्व कर्मचारी मो इम्तियाज आलम को आदेश निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह बर्खास्तगी सामान्यतः भविष्य में सरकारी नियोजन के लिए अयोग्यता मानी जाएगी। जिला पदाधिकारी, अररिया द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में की गई है। जिलाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने नरपतगंज अंचल कार्यालय के निलंबित राजस्व कर्मचारी मो इम्तियाज आलम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप प्रमाणित होने के बाद की गई है। जारी आदेश के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने ग्राम रामघाट कोशकापुर निवासी कमलेश्वरी यादव के भूमि संबंधित ऑनलाइन नाम व रकवा सुधार के आवेदन के निष्पादन के लिए 15,000 रुपये की अवैध राशि की मांग की थी। शिकायत के आधार पर, निगरानी विभाग की टीम ने 20 जनवरी को विशेष कार्रवाई करते हुए मो इम्तियाज आलम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, आरोपी को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया
जांच के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और निगरानी विभाग की रिपोर्ट में आरोपों को पूरी तरह सत्य पाया गया। संचालन पदाधिकारी ने भी अपने प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि की। विभागीय प्रक्रिया के तहत, आरोपी को अपना पक्ष रखने के कई अवसर दिए गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती और भ्रष्ट आचरण से सरकारी छवि को धूमिल किया। अनुशासनिक प्राधिकार ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के आलोक में आरोपी के कृत्य को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन माना। सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया
इसके आधार पर, उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी अररिया ने सरकारी सेवक नियमावली-2005 यथा संशोधित नियमावली-2007 के नियम 14 (Xi) के तहत तत्कालीन राजस्व कर्मचारी मो इम्तियाज आलम को आदेश निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह बर्खास्तगी सामान्यतः भविष्य में सरकारी नियोजन के लिए अयोग्यता मानी जाएगी। जिला पदाधिकारी, अररिया द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में की गई है।


