नए नोएडा को बसाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि एक महीने में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा दर पहले ही तय हो चुकी हैं। महत्वपूर्ण यह है कि यहां श्रमिकों के लिए भी आवास बनाए जाएंगे। नोएडा का अधिकांश हिस्सा विकसित हो चुका है। अब सिर्फ एक्सप्रेसवे के आसपास ही जमीन बची है। ऐसे में कुछ साल पहले दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर नया नोएडा बसाने की योजना तैयार की गई थी। अब नए नोएडा को बसाने की योजना पर काम शुरू होगा। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में नए नोएडा में जमीन लेने के लिए मुआवजा दर तय कर दी गई हैं। ये दरें यमुना क्षेत्र के बराबर रखी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अगले कुछ महीनों में 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जमीन अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण ने एक हजार करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। कागजों में नए नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद-विशेष निवेश क्षेत्र-का नाम दिया गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि किसानों से आपसी सहमति से जमीन लेने का प्रयास किया जाएगा। यूपी कैबिनेट से मंजूरी के बाद पिछले डेढ़ साल से ज्यादा समय से यहां की जमीन के लिए मुआवजा दरें तय करने का इंतजार था। अब जमीन अधिग्रहण के लिए जल्द टीम का गठन किया जाएगा। 10 हजार वर्गमीटर पर बनेगा ऑफिस
नए नोएडा को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा के पास है। इसके मास्टर प्लान-2041 को यूपी कैबिनेट ने 18 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी थी। नए नोएडा में प्राधिकरण मौके पर अस्थाई दफ्तर की जमीन देखा चुका है। अब तक मुआवजा दरों पर मंथन चल रहा था। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत के लिए अस्थाई दफ्तर को जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन दफ्तर के लिए ली जाएगी। चार फेज में बसाया जाएगा शहर
नए नोएडा को चार चरण में बसाया जाना है। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 3798 , तीसरे चरण में 5908, चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लक्ष्य के हिसाब से तैयारी पिछड़ी हुई है। पहला चरण 2027 में पूरा करना था। वहीं चौथा चरण 2041 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


