भास्कर न्यूज|सीतामढ़ी सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर के रेल बफर जोन का जनकपुर रोड(पुपरी)-औराई-कटरा -मुजफ्फरपुर नई रेल लाइन परियोजना के धरातल पर उतरने से रेल कनेक्टिविटी होगी, जिससे इस जोन के विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। वर्षों में पेंडिंग में पड़े इस योजना का सामने लाने का प्रयास किया गया है। सीतामढ़ी सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर ने बताया कि मुजफ्फरपुर-कटरा-औराई – जनकपुर रोड नई रेल लाइन परियोजना के लिए 229.05 करोड़ रुपये आवंटित की गयी है। सांसद ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में इस एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने लंबे समय से लंबित इस परियोजना के लिए जनवरी माह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिठ्ठी लिखी थी। पत्र के माध्यम से क्षेत्रीय जरूरतों और जनभावनाओं से अवगत कराया था। जिससे इसके लिए अब पहल शुरू हो चुकी है। सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर जिले के रेल कनेक्टिविटी के इस बफर जोन के लिए धरातल पर उतरने की कवायद से क्षेत्र के लिए नये विकास का का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इससे इस क्षेत्र के लोगों को सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर जिले से कनेक्टिविटी मिलेगी। जिससे विकास की गति बढ़ेगी, इस क्षेत्र के लोग भी रेल की कनेक्टिविटी से मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे। यह रेल खंड सीतामढ़ी के पुपरी, बाजपट्टी, बोखड़ा एवं नानपुर, दरभंगा का बफर भाग सहित बड़ा इलाका सीधे तौर पर लाभांवित होगा, रेल कनेक्टिविटी से जुड़ने से इन क्षेत्रों का विकास तेज होगा। व्यवसाय में भी गति आएगी तथा लोगों को आवागमन में सुविधा सुविधा होगी। लोगों में उत्साह, कहा- विकास की नई रोशनी से रूबरू हो सकेंगे क्षेत्र के लोग औराई के सामाजिक कार्यकर्ता सतीश कुमार ने बताया कि इससे हम अब सुविधा के अनुसार बिना परेशानी के मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी कम समय में पहुंच सकेंगे। बताया कि इस रेल परियोजना से संबंध क्षेत्र अभी भी बागमती की पीड़ा के साथ ही कनेक्टिविटी को लेकर परेशान है। इस योजना से यहां के लोगों को राहत मिलेगी एवं वे नये विकास की रोशनी से रूबरू हो सकेंगे। कटरा के राजेश राउत ने बताया कि इससे हमारे बच्चों को अब ऑटो, बस, पैदल के स्थान पर सीधे मुजफ्फरपुर पहुंचने में सुविधा होगी। वे घर से भी प्रतिदिन कॉलेज आराम से जा सकेंगे। वहीं स्थानीय शिक्षक व अन्य विभागों में कार्यरत कर्मियों ने बताया कि इससे उन्हें प्रतिदिन बाइक सवारी से निजात मिलेगा। वे दरभंगा, सीतामढ़ी व मुजफ्फरपुर के विभिन्न स्थानों पर आराम से आवागमन कर सकेंगे। थकावट घटेगी एवं समय का भी बचत होगा। भास्कर न्यूज|सीतामढ़ी सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर के रेल बफर जोन का जनकपुर रोड(पुपरी)-औराई-कटरा -मुजफ्फरपुर नई रेल लाइन परियोजना के धरातल पर उतरने से रेल कनेक्टिविटी होगी, जिससे इस जोन के विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। वर्षों में पेंडिंग में पड़े इस योजना का सामने लाने का प्रयास किया गया है। सीतामढ़ी सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर ने बताया कि मुजफ्फरपुर-कटरा-औराई – जनकपुर रोड नई रेल लाइन परियोजना के लिए 229.05 करोड़ रुपये आवंटित की गयी है। सांसद ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में इस एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने लंबे समय से लंबित इस परियोजना के लिए जनवरी माह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिठ्ठी लिखी थी। पत्र के माध्यम से क्षेत्रीय जरूरतों और जनभावनाओं से अवगत कराया था। जिससे इसके लिए अब पहल शुरू हो चुकी है। सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर जिले के रेल कनेक्टिविटी के इस बफर जोन के लिए धरातल पर उतरने की कवायद से क्षेत्र के लिए नये विकास का का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इससे इस क्षेत्र के लोगों को सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर जिले से कनेक्टिविटी मिलेगी। जिससे विकास की गति बढ़ेगी, इस क्षेत्र के लोग भी रेल की कनेक्टिविटी से मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे। यह रेल खंड सीतामढ़ी के पुपरी, बाजपट्टी, बोखड़ा एवं नानपुर, दरभंगा का बफर भाग सहित बड़ा इलाका सीधे तौर पर लाभांवित होगा, रेल कनेक्टिविटी से जुड़ने से इन क्षेत्रों का विकास तेज होगा। व्यवसाय में भी गति आएगी तथा लोगों को आवागमन में सुविधा सुविधा होगी। लोगों में उत्साह, कहा- विकास की नई रोशनी से रूबरू हो सकेंगे क्षेत्र के लोग औराई के सामाजिक कार्यकर्ता सतीश कुमार ने बताया कि इससे हम अब सुविधा के अनुसार बिना परेशानी के मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी कम समय में पहुंच सकेंगे। बताया कि इस रेल परियोजना से संबंध क्षेत्र अभी भी बागमती की पीड़ा के साथ ही कनेक्टिविटी को लेकर परेशान है। इस योजना से यहां के लोगों को राहत मिलेगी एवं वे नये विकास की रोशनी से रूबरू हो सकेंगे। कटरा के राजेश राउत ने बताया कि इससे हमारे बच्चों को अब ऑटो, बस, पैदल के स्थान पर सीधे मुजफ्फरपुर पहुंचने में सुविधा होगी। वे घर से भी प्रतिदिन कॉलेज आराम से जा सकेंगे। वहीं स्थानीय शिक्षक व अन्य विभागों में कार्यरत कर्मियों ने बताया कि इससे उन्हें प्रतिदिन बाइक सवारी से निजात मिलेगा। वे दरभंगा, सीतामढ़ी व मुजफ्फरपुर के विभिन्न स्थानों पर आराम से आवागमन कर सकेंगे। थकावट घटेगी एवं समय का भी बचत होगा।


