बिहार में नई सरकार के गठन के बाद जनता दल यूनाइटेड ने आज विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा। संभावना है कि डिप्टी सीएम विजय चौधरी नेता चुन लिए जाए। यह मीटिंग सुबह 11 बजे से 1 अणे मार्ग में होगी। नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने के बाद विधायक दल का नेता का पद खाली है। सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को विधायक दल का नया नेता बनाया जा सकता है। सरकार में उन्हें जदयू की ओर से नंबर 2 की भूमिका मिली है। वहीं, बिजेंद्र प्रसाद यादव भी वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन विधायक दल का नेता बनाए जाने की संभावना फिलहाल कम दिख रही है। रविवार को निशांत ने जदयू कार्यालय में की थी बैठक रविरावर को निशांत कुमार जेडीयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूर्णिया और भागलपुर प्रमंडल के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा की। निशांत की लगातार बढ़ती मौजूदगी को पार्टी में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। निशांत कुमार की सक्रियता पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा- निशांत पार्टी के कामकाज को देख रहे हैं। यह पार्टी के लिए अच्छी बात है। नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह पहल अहम साबित हो सकती है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक समीकरण जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव किया। करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने राज्यसभा की राजनीति में जाने का फैसला लिया। 16 मार्च को वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए, इसके बाद 10 अप्रैल को सांसद पद की शपथ ली, फिर 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उन्होंने बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन का रास्ता साफ किया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। निशांत कुमार के नाम की चर्चा पर विराम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनके बेटे निशांत कुमार के सरकार में शामिल होने और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज थी। हालांकि, बाद में यह साफ हो गया कि निशांत फिलहाल सरकार में आने के लिए इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने खुद संकेत दिया कि वह संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। गुरुवार को पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए निशांत कुमार ने कहा था कि वे राज्य के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए जनता के बीच जाएंगे। उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल वह सरकार की जिम्मेदारी लेने के बजाय संगठनात्मक भूमिका निभाना चाहते हैं। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद जनता दल यूनाइटेड ने आज विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा। संभावना है कि डिप्टी सीएम विजय चौधरी नेता चुन लिए जाए। यह मीटिंग सुबह 11 बजे से 1 अणे मार्ग में होगी। नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने के बाद विधायक दल का नेता का पद खाली है। सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को विधायक दल का नया नेता बनाया जा सकता है। सरकार में उन्हें जदयू की ओर से नंबर 2 की भूमिका मिली है। वहीं, बिजेंद्र प्रसाद यादव भी वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन विधायक दल का नेता बनाए जाने की संभावना फिलहाल कम दिख रही है। रविवार को निशांत ने जदयू कार्यालय में की थी बैठक रविरावर को निशांत कुमार जेडीयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूर्णिया और भागलपुर प्रमंडल के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा की। निशांत की लगातार बढ़ती मौजूदगी को पार्टी में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। निशांत कुमार की सक्रियता पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा- निशांत पार्टी के कामकाज को देख रहे हैं। यह पार्टी के लिए अच्छी बात है। नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह पहल अहम साबित हो सकती है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक समीकरण जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव किया। करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने राज्यसभा की राजनीति में जाने का फैसला लिया। 16 मार्च को वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए, इसके बाद 10 अप्रैल को सांसद पद की शपथ ली, फिर 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उन्होंने बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन का रास्ता साफ किया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। निशांत कुमार के नाम की चर्चा पर विराम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनके बेटे निशांत कुमार के सरकार में शामिल होने और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज थी। हालांकि, बाद में यह साफ हो गया कि निशांत फिलहाल सरकार में आने के लिए इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने खुद संकेत दिया कि वह संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। गुरुवार को पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए निशांत कुमार ने कहा था कि वे राज्य के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए जनता के बीच जाएंगे। उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल वह सरकार की जिम्मेदारी लेने के बजाय संगठनात्मक भूमिका निभाना चाहते हैं।


