चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा पर जमा कचरे को लेकर नगर निगम सख्त हो गया है। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने साफ कहा है कि अगर तय समय पर कचरा नहीं हटाया गया तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को छुट्टी के दिन कमिश्नर ने चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा और अन्य अधिकारियों के साथ साइट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बायो-माइनिंग और कचरा प्रोसेसिंग के काम का जायजा लिया, लेकिन काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मई के पहले सप्ताह तक पुराना कचरा हटाने का भरोसा नगर निगम पहले ही पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में मई के पहले सप्ताह तक पुराना कचरा हटाने का भरोसा दे चुका है। ऐसे में कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर हाल में समय सीमा के अंदर काम पूरा किया जाए, वरना सीधे जिम्मेदारी तय होगी। कमिश्नर ने कहा कि डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड शहर के लिए बड़ी पर्यावरणीय समस्या बन चुका है। इसका समय पर समाधान जरूरी है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य और आसपास के इलाके के जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) सेल के काम पर भी असंतोष जताया और कहा कि लगातार छूट देने के बावजूद प्रदर्शन बेहतर नहीं हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि काम की नियमित मॉनिटरिंग हो, समय पर रिपोर्ट दी जाए और जरूरत के हिसाब से मशीनें और स्टाफ बढ़ाया जाए। साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कचरे की सही प्रोसेसिंग, अलग-अलग करना, लीचेट मैनेजमेंट और धूल कंट्रोल जैसे उपाय शामिल हैं। मेयर ने भी उठाए थे सवाल
पिछले सप्ताह मेयर सौरभ जोशी ने भी साइट का दौरा किया था। उन्होंने सीसीटीवी बंद होने और रिकॉर्ड अपडेट न होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। अब नगर निगम ने साफ कर दिया है कि इस बार देरी हुई तो सख्त कार्रवाई तय है।


