पूर्णिया GMCH में मामूली सी बात पर परिजनों ने जमकर तोड़फोड़ की और हंगामा किया। एंबुलेंसकर्मी ने नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी एंबुलेंस से मरीज को निजी जांच केंद्र तक ले जाने से मना किया था। न सुनते ही परिजन आक्रोशित हो उठे। नाराज परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड और नर्स रूम में जमकर तोड़फोड़ की। एंबुलेंस को भी नुकसान पहुंचाया। रोकने पर मेडिकल स्टाफ और एंबुलेंसकर्मी से भिड़ गए। मरीज की पहचान शहर के सुभाषनगर के रहने वाले अरविंद सिंह (55) के रूप में हुई है। डायल-102 के एंबुलेंस के कंट्रोलर कुमार लव ने बताया कि सड़क हादसे में जख्मी होने के बाद शहर के सुभाषनगर इलाके के रहने वाले अरविंद सिंह नाम के मरीज को एडमिट कराया गया था। सिटी स्कैन की मशीन 4 दिन से खराब मरीज शनिवार रात करीब 11:30 बजे एडमिट हुए। आज सुबह डॉक्टरों ने मरीज को सिटी स्कैन के लिए भेजा। हालांकि सिटी स्कैन की मशीन पिछले 4 दिनों से खराब होने के कारण मरीज को निजी क्लिनिक ले जाने की नौबत आई। इसी दौरान परिजनों की नजर मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सरकारी एंबुलेंस पर पड़ी। परिजनों ने एंबुलेंस कर्मी से मरीज को निजी क्लिनिक तक पहुंचाने को कहा। सरकारी एंबुलेंस को निजी क्लीनिक ले जाने की मनाही होने के कारण एम्बुलेंसकर्मी ने निजी क्लीनिक ले जाने से इनकार कर दिया। इसी के बाद मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए। गुस्साए परिजनों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ कर दी। हंगामा करते हुए वे इमरजेंसी पहुंच गए। इमरजेंसी वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की और हंगामा किया। परिजन इतने पर ही नहीं रुके, नर्स रूम में दाखिल हो गए और वहां भी तोड़फोड़ मचाई। मेडिकल स्टाफ से भी गालीगलौज और हाथापाई इस दौरान उन्हें रोकने गए मेडिकल स्टाफ से भी गालीगलौज और हाथापाई की गई। समूचे घटनाक्रम को मोबाइल में कैद कर रहे लोगों के मोबाइल छीन लिए गए और वीडियो डिलीट कराया गया। हंगामा बढ़ता देखा मेडिकल स्टाफ ने स्थानीय फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी की पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही टीओपी प्रभारी फौरन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। प्रभारी ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। पुलिसिया पेंच फंसता देख परिजन मरीज को लेकर हायर सेंटर रवाना हो गए। फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया घटना की सूचना मिलते ही वे फौरन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। किसी तरह परिजनों को समझाया, उसके बाद मामला शांत हुआ। परिजन मरीज को लेकर हायर सेंटर चले गए हैं। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्णिया GMCH में मामूली सी बात पर परिजनों ने जमकर तोड़फोड़ की और हंगामा किया। एंबुलेंसकर्मी ने नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी एंबुलेंस से मरीज को निजी जांच केंद्र तक ले जाने से मना किया था। न सुनते ही परिजन आक्रोशित हो उठे। नाराज परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड और नर्स रूम में जमकर तोड़फोड़ की। एंबुलेंस को भी नुकसान पहुंचाया। रोकने पर मेडिकल स्टाफ और एंबुलेंसकर्मी से भिड़ गए। मरीज की पहचान शहर के सुभाषनगर के रहने वाले अरविंद सिंह (55) के रूप में हुई है। डायल-102 के एंबुलेंस के कंट्रोलर कुमार लव ने बताया कि सड़क हादसे में जख्मी होने के बाद शहर के सुभाषनगर इलाके के रहने वाले अरविंद सिंह नाम के मरीज को एडमिट कराया गया था। सिटी स्कैन की मशीन 4 दिन से खराब मरीज शनिवार रात करीब 11:30 बजे एडमिट हुए। आज सुबह डॉक्टरों ने मरीज को सिटी स्कैन के लिए भेजा। हालांकि सिटी स्कैन की मशीन पिछले 4 दिनों से खराब होने के कारण मरीज को निजी क्लिनिक ले जाने की नौबत आई। इसी दौरान परिजनों की नजर मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सरकारी एंबुलेंस पर पड़ी। परिजनों ने एंबुलेंस कर्मी से मरीज को निजी क्लिनिक तक पहुंचाने को कहा। सरकारी एंबुलेंस को निजी क्लीनिक ले जाने की मनाही होने के कारण एम्बुलेंसकर्मी ने निजी क्लीनिक ले जाने से इनकार कर दिया। इसी के बाद मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए। गुस्साए परिजनों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ कर दी। हंगामा करते हुए वे इमरजेंसी पहुंच गए। इमरजेंसी वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की और हंगामा किया। परिजन इतने पर ही नहीं रुके, नर्स रूम में दाखिल हो गए और वहां भी तोड़फोड़ मचाई। मेडिकल स्टाफ से भी गालीगलौज और हाथापाई इस दौरान उन्हें रोकने गए मेडिकल स्टाफ से भी गालीगलौज और हाथापाई की गई। समूचे घटनाक्रम को मोबाइल में कैद कर रहे लोगों के मोबाइल छीन लिए गए और वीडियो डिलीट कराया गया। हंगामा बढ़ता देखा मेडिकल स्टाफ ने स्थानीय फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी की पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही टीओपी प्रभारी फौरन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। प्रभारी ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। पुलिसिया पेंच फंसता देख परिजन मरीज को लेकर हायर सेंटर रवाना हो गए। फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया घटना की सूचना मिलते ही वे फौरन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। किसी तरह परिजनों को समझाया, उसके बाद मामला शांत हुआ। परिजन मरीज को लेकर हायर सेंटर चले गए हैं। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


