श्रीगंगानगर. घमूड़वाली थाने के सीआई की कथित कार्यशैली के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीणों की टोली करीब चालीस किलोमीटर का सफर चौबीस घंटे में पूरा कर शनिवार को जिला मुख्यालय पर पहुंची। नेहरू पार्क में एकत्र होकर इन ग्रामीणों का समर्थन में कई लोग भी आए। इसके बाद वहां से रोष मार्च के रूप में यह जुलूस पुलिस अधीक्षक ऑफिस पर पहुंचा। यहां पर सीआई को सस्पैंड करने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए डीजीपी का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया। माकपा के रविंद्र तरखान और अशोक जाखड़ की अगुवाई में यह ग्रामीण की टोली शुक्रवार को घमूड़वाली से रवाना हुई, रास्ते में चूनावढ़ के पास रात्रिकालीन विश्राम किया और शनिवार अल सबेरे वहां से रवाना होकर यहां श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पहुंची। विरोध प्रदर्शन के दौरान माकपा जिला सचिव वकील सिंह, रविंद्र तरखान, अशोक जाखड़, किसान सभा के जिलाध्यक्ष रिशपाल सिंह पन्नू, दुर्गा स्वामी, एसएफआई राज्य महासचिव मुकेश मोहनपुरिया, हरकेवलदीप सिंह और अन्य नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि घमूड़वाली सीआई ने परिवादियों की पीड़ा सुनने की बजाय उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है, इससे घमूड़वाली थाने में पुलिस की छवि खराब हो रही है। सीआई की कार्रवाई से लोग पुलिस से कतराने लग गए है। सीआई पर मंडी बीँझबायला की तीन दुकानों को जबरन बंद कराने और चाबियां थाने ले जाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया।
एसपी को सुनाई अपनी पीड़ा
एसपी के समक्ष वकील सिंह, दुर्गा स्वामी, अशोक जाखड़, रविंद्र तरखान, सरपंच इंद्राज पूनिया, पूर्व सरपंच प्रीतम सिंह गिल और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे। एसपी हरीशंकर ने आश्वस्त किया कि टीकूराम से ठगी मामले में सीओ सूरतगढ़ प्रतीक मील जांच कर रहे हैं और दोषी हेड कांस्टेबल महेन्द्र कुमार को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीआई राजेन्द्र सिंह चारण पर आरोपों की वे खुद जांच करेंगे और दो दिनों में घमूड़वाली पुलिस थाना का दौरा कर पीड़ितों से भी मुलाकात करेंगे।


