सहरसा जिले में 18 से 22 अप्रैल तक मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बुलेटिन के अनुसार, इस अवधि में बारिश की कोई संभावना नहीं है। अगवानपुर कृषि अनुसंधान संस्थान, सहरसा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. डी.के. चौधरी और क़ृषि वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि अनुकूल मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से तैयार फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से पूरा करने की अपील की है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय हवा में नमी 70 से 80 प्रतिशत तक रह सकती है, जो दोपहर में घटकर लगभग 25 प्रतिशत हो जाएगी। इस दौरान 6 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी हवाएं चलेंगी और आसमान साफ रहेगा। 12 प्रतिशत से अधिक न हो नमी कृषि विज्ञान केंद्र ने फसलवार सलाह जारी करते हुए कहा है कि किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई सुबह या शाम के समय करें, जब हवा की गति कम हो। मड़ाई स्थलों पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम रखें। भंडारण से पहले दानों को अच्छी तरह सुखा लें, यह सुनिश्चित करें कि उनमें नमी 12 प्रतिशत से अधिक न हो। इमामेक्टिन बेंजोएट का छिड़काव करने का सुझाव जायद मक्का की बुवाई के लिए यह समय उपयुक्त बताया गया है। किसानों को प्रति हेक्टेयर 16-20 किलोग्राम बीज की दर से बुवाई करने और बीज उपचार अवश्य करने की सलाह दी गई है। फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट का छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मखाना, गरमा मूंग और अन्य फसलों के लिए सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और पोषक तत्व प्रबंधन पर भी निर्देश दिए गए हैं। बागवानी फसलों में आम और लीची के टिकोले को गिरने से बचाने के लिए NPK, जिंक और बोरॉन का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को पर्याप्त पानी और संतुलित आहार देने के निर्देश दिए गए हैं। सहरसा जिले में 18 से 22 अप्रैल तक मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बुलेटिन के अनुसार, इस अवधि में बारिश की कोई संभावना नहीं है। अगवानपुर कृषि अनुसंधान संस्थान, सहरसा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. डी.के. चौधरी और क़ृषि वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि अनुकूल मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से तैयार फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से पूरा करने की अपील की है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय हवा में नमी 70 से 80 प्रतिशत तक रह सकती है, जो दोपहर में घटकर लगभग 25 प्रतिशत हो जाएगी। इस दौरान 6 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी हवाएं चलेंगी और आसमान साफ रहेगा। 12 प्रतिशत से अधिक न हो नमी कृषि विज्ञान केंद्र ने फसलवार सलाह जारी करते हुए कहा है कि किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई सुबह या शाम के समय करें, जब हवा की गति कम हो। मड़ाई स्थलों पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम रखें। भंडारण से पहले दानों को अच्छी तरह सुखा लें, यह सुनिश्चित करें कि उनमें नमी 12 प्रतिशत से अधिक न हो। इमामेक्टिन बेंजोएट का छिड़काव करने का सुझाव जायद मक्का की बुवाई के लिए यह समय उपयुक्त बताया गया है। किसानों को प्रति हेक्टेयर 16-20 किलोग्राम बीज की दर से बुवाई करने और बीज उपचार अवश्य करने की सलाह दी गई है। फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट का छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मखाना, गरमा मूंग और अन्य फसलों के लिए सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और पोषक तत्व प्रबंधन पर भी निर्देश दिए गए हैं। बागवानी फसलों में आम और लीची के टिकोले को गिरने से बचाने के लिए NPK, जिंक और बोरॉन का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को पर्याप्त पानी और संतुलित आहार देने के निर्देश दिए गए हैं।


