Encroachment Action Sambhal: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में संभल जिले में सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान और अधिक तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरक्षित श्रेणी की ग्राम सभा भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान प्रशासनिक टीम पूरी तरह सतर्क रही और पूरे ऑपरेशन को शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न नहीं हुआ।
बिछौली गांव में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का डंडा
तहसील संभल के ग्राम बिछौली में प्रशासन ने गाटा संख्या 1240 और 1242 पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की। यह भूमि खाद के गड्ढे और पशुचर के लिए आरक्षित थी, लेकिन इस पर इमामबाड़ा और ईदगाह का निर्माण कर लिया गया था। मामले में विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए तहसीलदार न्यायालय द्वारा 31 जनवरी 2026 को बेदखली का आदेश जारी किया गया था। आदेश के विरुद्ध किसी भी स्तर पर अपील नहीं होने के कारण प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को हटवा दिया।
मुबारकपुर बन्द में भी कार्रवाई
ग्राम मुबारकपुर बन्द में ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच कराई। जांच में गाटा संख्या 623 और 630 पर मस्जिद और मदरसे का निर्माण पाया गया। प्रशासन ने संबंधित पक्षों को स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण मुतवल्ली नुसरत अली और अन्य लोगों ने प्रशासन से सहयोग की मांग की। इसके बाद शुक्रवार को प्रशासन की निगरानी में अवैध निर्माण को हटवाया गया। इस कार्रवाई के तहत दोनों गांवों में कुल मिलाकर लगभग 1.1 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
कानूनी प्रक्रिया के तहत ही उठाया गया हर कदम
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई धारा 67, राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेश के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा, पशुचर भूमि, खेल मैदान और खाद के गड्ढे जैसी सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को पूरा अवसर दिया जाता है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाता है।
जिले में लगातार जारी रहेगा अभियान
जिलाधिकारी ने कहा कि संभल जिले में अतिक्रमण हटाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा। जहां भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्रवाई से पहले निर्धारित तीन महीने की समय सीमा और 30 दिन की अपील अवधि पूरी की जाती है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे।


