PMCH को मिलेंगी दो नई MRI, एक सीटी स्कैन मशीन:मरीजों को मुफ्त जांच में मिलेगी राहत, नहीं करना होगा लंबा इंतजार

PMCH को मिलेंगी दो नई MRI, एक सीटी स्कैन मशीन:मरीजों को मुफ्त जांच में मिलेगी राहत, नहीं करना होगा लंबा इंतजार

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में मरीजों को जल्द ही एडवांस जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने यहां दो नई MRI मशीनें और एक नई CT स्कैन मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। इन मशीनों से मरीजों को अब जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और मुफ्त जांच की राह आसान होगी। नई MRI मशीनों के जुड़ने से PMCH में इन मशीनों की कुल संख्या बढ़कर चार हो जाएगी। ये सभी मशीनें 1.5 टेस्ला क्षमता की होंगी, जो सामान्य और जटिल दोनों तरह की जांचों के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। मशीनों की खरीद की जिम्मेदारी बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) को सौंपी गई है। मरीजों को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन नई मशीनों के स्थापित होने के बाद मरीजों को जांच के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी तक सीमित संसाधनों और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के कारण मरीजों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, ‘अधिक मशीनों के जुड़ने से रोजाना होने वाली जांचों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इससे न सिर्फ मरीजों का समय बचेगा, बल्कि गंभीर बीमारियों की पहचान भी समय पर हो सकेगी, जिससे उनका बेहतर इलाज संभव हो पाएगा।’ PPP मॉडल से मिल रही थी सीमित सुविधा वर्तमान में PMCH में MRI जांच की सुविधा पीपीपी मोड पर उपलब्ध है। इस व्यवस्था के तहत मरीजों को जांच के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। साथ ही रिपोर्ट मिलने में देरी और मशीनों की सीमित उपलब्धता के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। कई बार तकनीकी खराबी के चलते जांच पूरी तरह से ठप हो जाती थी, जिससे मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ता था और उनका आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। 45 तकनीशियनों की जरूरत, विभाग को भेजा प्रस्ताव नई मशीनों के संचालन के लिए मानव संसाधन भी बड़ी चुनौती है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि दो एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 45 प्रशिक्षित तकनीशियनों की आवश्यकता होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जब तक पर्याप्त संख्या में तकनीशियन उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक इन मशीनों का पूर्ण लाभ मरीजों को नहीं मिल पाएगा। नए रेडियोलॉजी विभाग को शुरू करने की तैयारी PMCH के नए भवन में आधुनिक रेडियोलॉजी विभाग तैयार किया गया है। इस विभाग में नई मशीनों को स्थापित कर जांच सेवाओं को केंद्रीकृत और व्यवस्थित किया जाएगा। फिलहाल इस विभाग को चालू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, नए विभाग को पूरी क्षमता के साथ शुरू कर दिया जाएगा। मुफ्त जांच की दिशा में बड़ा कदम स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि भविष्य में पीएमसीएच में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी महंगी जांचें मरीजों को मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अभी निजी केंद्रों पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। नई मशीनों से मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ सरकार का फोकस, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बिहार सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। पीएमसीएच में नई मशीनों की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आने वाले समय में यदि मैनपावर की कमी भी दूर कर ली जाती है, तो पीएमसीएच पूर्वी भारत के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में मरीजों को जल्द ही एडवांस जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने यहां दो नई MRI मशीनें और एक नई CT स्कैन मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। इन मशीनों से मरीजों को अब जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और मुफ्त जांच की राह आसान होगी। नई MRI मशीनों के जुड़ने से PMCH में इन मशीनों की कुल संख्या बढ़कर चार हो जाएगी। ये सभी मशीनें 1.5 टेस्ला क्षमता की होंगी, जो सामान्य और जटिल दोनों तरह की जांचों के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। मशीनों की खरीद की जिम्मेदारी बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) को सौंपी गई है। मरीजों को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन नई मशीनों के स्थापित होने के बाद मरीजों को जांच के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी तक सीमित संसाधनों और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के कारण मरीजों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, ‘अधिक मशीनों के जुड़ने से रोजाना होने वाली जांचों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इससे न सिर्फ मरीजों का समय बचेगा, बल्कि गंभीर बीमारियों की पहचान भी समय पर हो सकेगी, जिससे उनका बेहतर इलाज संभव हो पाएगा।’ PPP मॉडल से मिल रही थी सीमित सुविधा वर्तमान में PMCH में MRI जांच की सुविधा पीपीपी मोड पर उपलब्ध है। इस व्यवस्था के तहत मरीजों को जांच के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। साथ ही रिपोर्ट मिलने में देरी और मशीनों की सीमित उपलब्धता के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। कई बार तकनीकी खराबी के चलते जांच पूरी तरह से ठप हो जाती थी, जिससे मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ता था और उनका आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। 45 तकनीशियनों की जरूरत, विभाग को भेजा प्रस्ताव नई मशीनों के संचालन के लिए मानव संसाधन भी बड़ी चुनौती है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि दो एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 45 प्रशिक्षित तकनीशियनों की आवश्यकता होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जब तक पर्याप्त संख्या में तकनीशियन उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक इन मशीनों का पूर्ण लाभ मरीजों को नहीं मिल पाएगा। नए रेडियोलॉजी विभाग को शुरू करने की तैयारी PMCH के नए भवन में आधुनिक रेडियोलॉजी विभाग तैयार किया गया है। इस विभाग में नई मशीनों को स्थापित कर जांच सेवाओं को केंद्रीकृत और व्यवस्थित किया जाएगा। फिलहाल इस विभाग को चालू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, नए विभाग को पूरी क्षमता के साथ शुरू कर दिया जाएगा। मुफ्त जांच की दिशा में बड़ा कदम स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि भविष्य में पीएमसीएच में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी महंगी जांचें मरीजों को मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अभी निजी केंद्रों पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। नई मशीनों से मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ सरकार का फोकस, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बिहार सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। पीएमसीएच में नई मशीनों की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आने वाले समय में यदि मैनपावर की कमी भी दूर कर ली जाती है, तो पीएमसीएच पूर्वी भारत के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।  

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