जौनपुर में बजरंग दल का प्रदर्शन:’जिहादी मानसिकता’ और अवैध कब्जों पर कार्रवाई की मांग

जौनपुर में बजरंग दल का प्रदर्शन:’जिहादी मानसिकता’ और अवैध कब्जों पर कार्रवाई की मांग

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) बजरंग दल के नेतृत्व में शुक्रवार शाम 5 बजे एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन देश में बढ़ती ‘विकृत जिहादी मानसिकता’, अवैध कब्जों और सुनियोजित षड्यंत्रों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर था। यह प्रदर्शन पॉलिटेक्निक चौराहा, कृषि भवन के निकट से शुरू हुआ। बाजिदपुर तिराहा और जेसीज चौराहा होते हुए यह कलेक्ट्रेट में एक सभा के रूप में समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। बजरंग दल के जिला मिलन केंद्र प्रमुख आशुतोष सिंह ने इस अवसर पर कहा कि देश के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली ‘जिहादी मानसिकता’ अब राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा और सद्भाव के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। उन्होंने इस मानसिकता के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला संयोजक समर बहादुर सिंह ने हाल ही में सामने आए कुछ प्रकरणों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नासिक में टीसीएस (TCS) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के आसपास उजागर हुए मामले यह दर्शाते हैं कि ‘लव जिहाद’ का जाल अब सुशिक्षित समाज और व्यावसायिक क्षेत्रों तक फैल चुका है। उन्होंने अमरावती में मोहम्मद अयाज नामक व्यक्ति द्वारा 180 नाबालिग हिंदू लड़कियों का कथित तौर पर शोषण कर अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने के गंभीर मामले का भी जिक्र किया। बजरंग दल ने आरोप लगाया कि देशभर में जिहादियों द्वारा हिंदू लड़कियों का शारीरिक शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण की अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं। ये कृत्य समाज में अशांति और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे हैं। संगठन ने अवैध कब्जों पर भी चिंता व्यक्त की और इसे सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बताया। बजरंग दल के अनुसार, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों और जनजाति समाज की अवयस्क बालिकाओं का शारीरिक व मानसिक शोषण कर उन्हें पलायन के लिए विवश किया जा रहा है। बजरंग दल ने मांग की कि ऐसी राष्ट्र विरोधी और आपराधिक मानसिकता वाले तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध त्वरित एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने ‘लव जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण जैसे कृत्यों को रोकने हेतु एक कठोर केंद्रीय कानून लागू करने की भी मांग की।

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