सीवान में रघुनाथपुर के राजद विधायक ओसामा शहाब एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। 10 दिनों के अंदर उनके खिलाफ दूसरी प्राथमिकी दर्ज होने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। ये मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। विधायक पर महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव में एक चिकित्सक दंपत्ति की जमीन पर निर्माण कार्य के दौरान बाधा डालने, मारपीट कराने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में गोपालगंज निवासी पीड़िता डॉ. सुधा सिंह ने थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल वो गोरखपुर में रह रही हैं। आवेदन के अनुसार, उनके पति डॉ. विनय कुमार सिंह ने सितंबर 2024 में वो जमीन खरीदी थी। सभी कागजात विधिवत रूप से उनके संयुक्त नाम पर दर्ज हैं। करीब तीन महीने पहले उन्होंने उस जमीन पर चारदीवारी और एक कमरे का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसी दौरान विधायक ओसामा शहाब ने उस भूमि पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रोकने को कहा। फोन पर काम बंद कराने की दी गई धमकी पीड़िता के अनुसार, उन्होंने अपने सभी दस्तावेज विधायक को दिखाए, जिसके बाद उन्हें आश्वस्त किया गया कि यदि कागजात सही पाए गए तो निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। लेकिन कुछ दिनों तक संपर्क नहीं होने के बाद जब उन्होंने दोबारा निर्माण शुरू कराया, तो 14 अप्रैल को फोन कर काम बंद करने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसके बाद विधायक के कहने पर 30-40 लोग हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और मजदूरों के मोबाइल, कटर मशीन समेत अन्य सामान भी छीन लिए गए। फरहान और साबिर नामक दो व्यक्तियों पर विशेष रूप से घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में महादेवा थाना में विधायक ओसामा शहाब सहित तीन नामजद और 30-35 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आवेदन के आधार पर जांच जारी जिले के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि चिकित्सक की पत्नी के आवेदन के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 14 अप्रैल को भूमि विवाद से संबंधित एक अन्य आवेदन भी प्राप्त हुआ था, जिसमें आपराधिक मामला स्पष्ट नहीं था, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं महादेवा थानाध्यक्ष विनीत विनायक का कहना है कि मामला भूमि विवाद से जुड़ा है और पुलिस हर बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है। हत्या की साजिश रचने का भी लगा था आरोप बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब विधायक ओसामा शहाब का नाम किसी आपराधिक प्रकरण में सामने आया हो। इसके अलावे हाल ही में एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी में हुए दो पक्षों के बीच मारपीट हुआ था। इस मामले में पुलिस ने अपराधी चंदन सिंह गिरफ्तार किया है। अपराधी चंदन सिंह ने आवेदन देकर ओसामा साहब और उनके करीबी डब्लू खान के ऊपर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। विधायक बनने के बाद ओसामा शहाब पर पहला मामला यही दर्ज हुआ है। इसके बाद डॉ दंपति ने जमीन पर रंगदारी और हड़पने का मामला दर्ज कराया गया है। विभिन्न धाराओं में पांच मामले दर्ज सूत्रों के अनुसार, विधायक बनने से पहले भी ओसामा शहाब पर विभिन्न धाराओं में करीब पांच मामले दर्ज हैं, जो अभी न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि जमीन विवादों में बढ़ती हिंसा को भी उजागर करता है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। सीवान में रघुनाथपुर के राजद विधायक ओसामा शहाब एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। 10 दिनों के अंदर उनके खिलाफ दूसरी प्राथमिकी दर्ज होने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। ये मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। विधायक पर महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव में एक चिकित्सक दंपत्ति की जमीन पर निर्माण कार्य के दौरान बाधा डालने, मारपीट कराने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में गोपालगंज निवासी पीड़िता डॉ. सुधा सिंह ने थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल वो गोरखपुर में रह रही हैं। आवेदन के अनुसार, उनके पति डॉ. विनय कुमार सिंह ने सितंबर 2024 में वो जमीन खरीदी थी। सभी कागजात विधिवत रूप से उनके संयुक्त नाम पर दर्ज हैं। करीब तीन महीने पहले उन्होंने उस जमीन पर चारदीवारी और एक कमरे का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसी दौरान विधायक ओसामा शहाब ने उस भूमि पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रोकने को कहा। फोन पर काम बंद कराने की दी गई धमकी पीड़िता के अनुसार, उन्होंने अपने सभी दस्तावेज विधायक को दिखाए, जिसके बाद उन्हें आश्वस्त किया गया कि यदि कागजात सही पाए गए तो निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। लेकिन कुछ दिनों तक संपर्क नहीं होने के बाद जब उन्होंने दोबारा निर्माण शुरू कराया, तो 14 अप्रैल को फोन कर काम बंद करने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसके बाद विधायक के कहने पर 30-40 लोग हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और मजदूरों के मोबाइल, कटर मशीन समेत अन्य सामान भी छीन लिए गए। फरहान और साबिर नामक दो व्यक्तियों पर विशेष रूप से घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में महादेवा थाना में विधायक ओसामा शहाब सहित तीन नामजद और 30-35 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आवेदन के आधार पर जांच जारी जिले के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि चिकित्सक की पत्नी के आवेदन के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 14 अप्रैल को भूमि विवाद से संबंधित एक अन्य आवेदन भी प्राप्त हुआ था, जिसमें आपराधिक मामला स्पष्ट नहीं था, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं महादेवा थानाध्यक्ष विनीत विनायक का कहना है कि मामला भूमि विवाद से जुड़ा है और पुलिस हर बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है। हत्या की साजिश रचने का भी लगा था आरोप बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब विधायक ओसामा शहाब का नाम किसी आपराधिक प्रकरण में सामने आया हो। इसके अलावे हाल ही में एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी में हुए दो पक्षों के बीच मारपीट हुआ था। इस मामले में पुलिस ने अपराधी चंदन सिंह गिरफ्तार किया है। अपराधी चंदन सिंह ने आवेदन देकर ओसामा साहब और उनके करीबी डब्लू खान के ऊपर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। विधायक बनने के बाद ओसामा शहाब पर पहला मामला यही दर्ज हुआ है। इसके बाद डॉ दंपति ने जमीन पर रंगदारी और हड़पने का मामला दर्ज कराया गया है। विभिन्न धाराओं में पांच मामले दर्ज सूत्रों के अनुसार, विधायक बनने से पहले भी ओसामा शहाब पर विभिन्न धाराओं में करीब पांच मामले दर्ज हैं, जो अभी न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि जमीन विवादों में बढ़ती हिंसा को भी उजागर करता है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


