Chemical Exfoliator Benefits in Hindi: आज के समय में हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए अच्छी डाइट और स्किन केयर के साथ-साथ तरह-तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट लेने की तरफ भी लोगों का क्रेज काफी बढ़ा है। पहले जहां स्किन केयर का मतलब सिर्फ फेस वॉश और मॉइस्चराइजर हुआ करता था, वहीं समय के साथ लोगों ने CTM यानी क्लींजिंग, टोनिंग, मॉइस्चराइजिंग को अपनाया। फिर समय बदला और लोग 10-स्टेप कोरियन स्किन केयर रूटीन के जरिए ग्लास स्किन पाने की कोशिश करने लगे। इसी बदलाव की कड़ी में अब लोग डेड स्किन हटाने के लिए फिजिकल स्क्रब की जगह केमिकल एक्सफोलिएटर्स को अपने रूटीन का हिस्सा बना रहे हैं।
हाल ही में सारा तेंदुलकर ने भी बताया कि वह अब दानेदार स्क्रब के बजाय केमिकल तरीके से अपनी स्किन साफ करना पसंद करती हैं। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि फिजिकल स्क्रब से केमिकल एक्सफोलिएटर कैसे अलग है और इसके क्या फायदे हैं।
स्क्रब और केमिकल एक्सफोलिएटर में अंतर (Difference Between Physical Scrubs and Chemical Exfoliators)
आजकल फिजिकल स्क्रब को छोड़कर केमिकल एक्सफोलिएटर्स का इस्तेमाल करने का काफी ज्यादा ट्रेंड है। ऐसे में अगर आप भी यह बदलाव करना चाहते हैं, तो इनका अंतर समझना जरूरी है। फिजिकल स्क्रब में छोटे-छोटे दाने होते हैं जिन्हें चेहरे पर रगड़ा जाता है। इसे जोर से रगड़ने पर चेहरे पर बारीक कट (micro-tears) लग सकते हैं, जिससे स्किन लाल हो सकती है या जलन हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ, केमिकल एक्सफोलिएटर में AHA और BHA जैसे हल्के एसिड होते हैं। ये बिना रगड़े स्किन की गंदगी और डेड सेल्स को धीरे-धीरे साफ कर देते हैं, जिससे स्किन ज्यादा सॉफ्ट और स्मूद महसूस होती है।
क्या यह सुरक्षित है? (Safety and Suitability for Everyone)
केमिकल एक्सफोलिएटर वैसे तो सुरक्षित हैं, लेकिन इन्हें इस्तेमाल करने का एक सही तरीका होता है। हमेशा कम पावर वाले यानी माइल्ड प्रोडक्ट से ही शुरुआत करनी चाहिए। इसे हफ्ते में सिर्फ 2 से 3 बार इस्तेमाल करना ठीक रहता है। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से स्किन में खिंचाव या परेशानी हो सकती है, इसलिए सही बैलेंस बनाना बहुत जरूरी है।
स्किन की क्वालिटी में सुधार (Improving Skin Texture and Quality)
केमिकल एक्सफोलिएटर के इस्तेमाल से ज्यादातर लोगों की स्किन क्वालिटी में सुधार देखने को मिलता है। यह न सिर्फ स्किन के रोमछिद्रों को गहराई से साफ करता है, बल्कि चेहरे के खुरदरेपन को कम करके उसे एक जैसा और चमकदार बनाता है। यह साधारण स्क्रब के मुकाबले ज्यादा गहराई तक काम करता है और चेहरे की डलनेस को दूर करने में मददगार है।
ध्यान रखने वाली बातें (Precautions Before Making the Switch)
अगर आप केमिकल एक्सफोलिएटर शुरू कर रहे हैं, तो कुछ बातों का खास ख्याल रखें। सबसे जरूरी यह है कि दिन में सनस्क्रीन (Sunscreen) जरूर लगाएं, क्योंकि एक्सफोलिएशन के बाद स्किन धूप के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है। साथ ही, बहुत सारे नए प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल न करें। ट्रेंड फॉलो करने से ज्यादा जरूरी अपनी स्किन की जरूरत को समझना है। कोई भी नया प्रोडक्ट चेहरे पर लगाने से पहले स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) से सलाह लेना सबसे अच्छा रहता है। आपकी स्किन टाइप के हिसाब से सही प्रोडक्ट ही आपको सही ग्लो दे सकता है। स्किन केयर का यह तरीका सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि स्किन को हेल्दी रखने का एक सही जरिया है।
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचनाओं पर आधारित है। यह किसी भी तरह की डॉक्टरी सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है। इसे अपनी स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से पहले किसी अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) से परामर्श जरूर लें।


