आरा में बॉयफ्रेंड के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी प्रेमिका:4 दिन पहले प्रेमी संग भागी थी, 30 मिनट समझाने के बाद उतरी; बिहार में 40 दिनों में 10वां मामला

आरा में बॉयफ्रेंड के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी प्रेमिका:4 दिन पहले प्रेमी संग भागी थी, 30 मिनट समझाने के बाद उतरी; बिहार में 40 दिनों में 10वां मामला

आरा के बहियारा गांव में प्रेमी से शादी की जिद पर नाबालिग लड़की 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। तपती धूप में टावर की सबसे ऊंची चोटी पर बैठी लड़की को देखने के लिए नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन हकीकत में पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। घटना 14 अप्रैल की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 4 दिन पहले प्रेमी के घर भाग गई थी लड़की की एक ही मांग थी उसकी शादी उसके प्रेमी से कराई जाए। परिजन और ग्रामीण काफी देर तक उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। चार दिन पहले घर से भागकर अपने प्रेमी के पास सनदिया गांव चली गई थी, जहां से परिजन उसे वापस ले आए थे। इसके बाद भी जब उसकी बात नहीं मानी गई, तो उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतारा सूचना मिलते ही चांदी पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष राकेश रौशन और महिला एसआई मधु कुमारी ने टीम के साथ मोर्चा संभाला। लड़की को सुरक्षित नीचे उतारना आसान नहीं था, क्योंकि वह ऊंचाई पर बैठकर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। ऐसे में महिला पुलिस अधिकारी ने सूझबूझ और मनोवैज्ञानिक तरीके का सहारा लिया। उन्होंने लड़की को भरोसा दिलाया कि उसकी बात उसके प्रेमी से कराई जाएगी और उसकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान नीचे खड़ी भीड़ सांसें थामे पूरे घटनाक्रम को देखती रही। पुलिस ने बाद में लड़की को समझा-बुझाकर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। हालांकि समय रहते पुलिस की सक्रियता और समझदारी से एक बड़ी अनहोनी टल गई। बिहार में 40 दिनों में 10 मामले‎ 06 मार्च: गोपालगंज के ‎बनकटा जागीरदारी गांव में‎ युवती प्रेमी की रिहाई के लिए‎ टावर पर चढ़ गई।‎ 16 मार्च: वैशाली जिले के‎ बिदुपुर में एक युवक प्रेमिका से‎ शादी रचाने करने की जिद में टावर‎ पर चढ़ गया था।‎ 01 अप्रैल: मुजफ्फरपुर‎ जंक्शन के पास युवक टावर पर‎ चढ़ गया और प्रेमिका को बुलाने‎ की मांग करने लगा।‎ 06 अप्रैल: पूर्वी चंपारण के ‎पशुरामपुर गांव में एक युवती ने ‎प्रेमी के शादी से इनकार करने‎ पर टावर पर चढ़ गई।‎ 06 अप्रैल: महनार के स्टेशन‎‎ रोड में एक युवती बिजली टावर‎ पर चढ़ गई। प्रेमी से शादी की‎ जिद कर रही थी।‎ 07 अप्रैल: वैशाली जिले के ‎माधोपुर गजपति गांव में साली‎ से शादी रचाने की जिद में एक ‎युवक टावर पर चढ़ गया।‎ 08 अप्रैल: गगौर थाना क्षेत्र में ‎एक युवक टावर पर चढ़ गया‎, क्योंकि उसकी प्रेमिका ने उसका ‎नंबर ब्लॉक कर दिया था।‎ 08 अप्रैल: समस्तीपुर के‎ ररियाही में युवक मोबाइल‎ टावर‎ पर चढ़ गया।‎ विधायक‎ रणविजय साहू के समझाने पर ‎नीचे उतरा।‎ 14 अप्रैल: सीवान में दो ‎चचेरी बहनें टावर पर चढ़ गईं। ‎शादी की जिद कर रही थीं।‎ 14 अप्रैल: भोजपुर के चांदी ‎थाने के बहियारा में एक किशोरी ‎मोबाइल टावर पर चढ़ गई।‎ ऐसा करना दंडनीय है‎ टावर पर चढ़ने से सड़क जाम होना, भीड़ जुटना और सार्वजनिक सेवाओं‎(बिजली या संचार) का बाधित होना पब्लिक न्यूसेंस माना जाता है, ‎जिसके लिए पुलिस मामला दर्ज कर सकती है। मोबाइल टावर राष्ट्रीय‎ संपत्ति और संचार नेटवर्क का हिस्सा है। बिना अनुमति इन पर चढ़ना कानून का उल्लंघन है। हाई-वोल्टेज लाइनों या बिजली के पोल से ‎छेड़छाड़ करना या उन पर चढ़ना बिजली आपूर्ति बाधित करने और‎ जान-माल को खतरे में डालने के तहत दंडनीय है।‎ टावर पर चढ़कर जिद मनवाने का नया ट्रेंड‎ वैशाली की एक घटना में 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति‎ प्रभावित हुई। बिजली सप्लाई काटने से ऐसा हुआ।‎ एनटीपीसी पावर ग्रिड, बाढ़ से गोरखपुर तक की सप्लाई ‎बाधित होने के कारण लगभग 5 घंटे तक 900 मेगावाट‎ बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विभाग की ओर से वैकल्पिक‎ व्यवस्था से बिजली सप्लाई की गई, अन्यथा 3 करोड़ ‎तक का नुकसान हो सकता था।‎ आरा के बहियारा गांव में प्रेमी से शादी की जिद पर नाबालिग लड़की 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। तपती धूप में टावर की सबसे ऊंची चोटी पर बैठी लड़की को देखने के लिए नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन हकीकत में पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। घटना 14 अप्रैल की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 4 दिन पहले प्रेमी के घर भाग गई थी लड़की की एक ही मांग थी उसकी शादी उसके प्रेमी से कराई जाए। परिजन और ग्रामीण काफी देर तक उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। चार दिन पहले घर से भागकर अपने प्रेमी के पास सनदिया गांव चली गई थी, जहां से परिजन उसे वापस ले आए थे। इसके बाद भी जब उसकी बात नहीं मानी गई, तो उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतारा सूचना मिलते ही चांदी पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष राकेश रौशन और महिला एसआई मधु कुमारी ने टीम के साथ मोर्चा संभाला। लड़की को सुरक्षित नीचे उतारना आसान नहीं था, क्योंकि वह ऊंचाई पर बैठकर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। ऐसे में महिला पुलिस अधिकारी ने सूझबूझ और मनोवैज्ञानिक तरीके का सहारा लिया। उन्होंने लड़की को भरोसा दिलाया कि उसकी बात उसके प्रेमी से कराई जाएगी और उसकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान नीचे खड़ी भीड़ सांसें थामे पूरे घटनाक्रम को देखती रही। पुलिस ने बाद में लड़की को समझा-बुझाकर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। हालांकि समय रहते पुलिस की सक्रियता और समझदारी से एक बड़ी अनहोनी टल गई। बिहार में 40 दिनों में 10 मामले‎ 06 मार्च: गोपालगंज के ‎बनकटा जागीरदारी गांव में‎ युवती प्रेमी की रिहाई के लिए‎ टावर पर चढ़ गई।‎ 16 मार्च: वैशाली जिले के‎ बिदुपुर में एक युवक प्रेमिका से‎ शादी रचाने करने की जिद में टावर‎ पर चढ़ गया था।‎ 01 अप्रैल: मुजफ्फरपुर‎ जंक्शन के पास युवक टावर पर‎ चढ़ गया और प्रेमिका को बुलाने‎ की मांग करने लगा।‎ 06 अप्रैल: पूर्वी चंपारण के ‎पशुरामपुर गांव में एक युवती ने ‎प्रेमी के शादी से इनकार करने‎ पर टावर पर चढ़ गई।‎ 06 अप्रैल: महनार के स्टेशन‎‎ रोड में एक युवती बिजली टावर‎ पर चढ़ गई। प्रेमी से शादी की‎ जिद कर रही थी।‎ 07 अप्रैल: वैशाली जिले के ‎माधोपुर गजपति गांव में साली‎ से शादी रचाने की जिद में एक ‎युवक टावर पर चढ़ गया।‎ 08 अप्रैल: गगौर थाना क्षेत्र में ‎एक युवक टावर पर चढ़ गया‎, क्योंकि उसकी प्रेमिका ने उसका ‎नंबर ब्लॉक कर दिया था।‎ 08 अप्रैल: समस्तीपुर के‎ ररियाही में युवक मोबाइल‎ टावर‎ पर चढ़ गया।‎ विधायक‎ रणविजय साहू के समझाने पर ‎नीचे उतरा।‎ 14 अप्रैल: सीवान में दो ‎चचेरी बहनें टावर पर चढ़ गईं। ‎शादी की जिद कर रही थीं।‎ 14 अप्रैल: भोजपुर के चांदी ‎थाने के बहियारा में एक किशोरी ‎मोबाइल टावर पर चढ़ गई।‎ ऐसा करना दंडनीय है‎ टावर पर चढ़ने से सड़क जाम होना, भीड़ जुटना और सार्वजनिक सेवाओं‎(बिजली या संचार) का बाधित होना पब्लिक न्यूसेंस माना जाता है, ‎जिसके लिए पुलिस मामला दर्ज कर सकती है। मोबाइल टावर राष्ट्रीय‎ संपत्ति और संचार नेटवर्क का हिस्सा है। बिना अनुमति इन पर चढ़ना कानून का उल्लंघन है। हाई-वोल्टेज लाइनों या बिजली के पोल से ‎छेड़छाड़ करना या उन पर चढ़ना बिजली आपूर्ति बाधित करने और‎ जान-माल को खतरे में डालने के तहत दंडनीय है।‎ टावर पर चढ़कर जिद मनवाने का नया ट्रेंड‎ वैशाली की एक घटना में 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति‎ प्रभावित हुई। बिजली सप्लाई काटने से ऐसा हुआ।‎ एनटीपीसी पावर ग्रिड, बाढ़ से गोरखपुर तक की सप्लाई ‎बाधित होने के कारण लगभग 5 घंटे तक 900 मेगावाट‎ बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विभाग की ओर से वैकल्पिक‎ व्यवस्था से बिजली सप्लाई की गई, अन्यथा 3 करोड़ ‎तक का नुकसान हो सकता था।‎  

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