कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने 48 घंटे के विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 750 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इस अभियान का उद्देश्य लंबे समय से फरार वांछित अपराधियों, इनामिया बदमाशों और न्यायालय से जारी वारंटियों को पकड़ना था। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से शहर में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है। अभियान के दौरान थानों की टीमों ने लगातार दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
वांछित और इनामिया अपराधियों पर कसा शिकंजा
इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 38 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनमें ₹25,000 का एक इनामिया बदमाश भी शामिल है। लंबे समय से फरार चल रहे इन अपराधियों की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी विभिन्न गंभीर अपराधों में शामिल थे और इनकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सटीक कार्रवाई करते हुए इन्हें दबोचा। इस कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है।
वारंटियों पर कार्रवाई, न्यायालय में पेश कर भेजा जेल
अभियान के तहत विभिन्न न्यायालयों से जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के मामलों में भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। कुल 225 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई उन आरोपियों के खिलाफ की गई जो लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। पुलिस का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस कदम से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
जांच में तेजी, सैकड़ों मामलों में बढ़ी प्रगति
अभियान के दौरान 495 अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए लंबित विवेचनाओं में भी तेजी लाई गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के विशेष अभियान से न केवल अपराधियों की गिरफ्तारी होती है, बल्कि जांच प्रक्रिया भी मजबूत होती है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) विपिन ताडा ने बताया कि 48 घंटे के भीतर करीब 750 वांछित और वारंटियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे अभियान चलाकर अपराधियों पर शिकंजा कसने का काम जारी रहेगा।


