Munaf Patel on Shoaib Akhtar: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने पाकिस्तान के दिग्गज शोएब अख्तर की जमकर तारीफ की है। मुनाफ ने शोएब को ‘पागल’ कहा है, लेकिन यह उन्होंने किसी बुराई में नहीं बल्कि शोएब के उस जुनून (पागलपन) के लिए कहा है जिसकी वजह से वो दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज बने।
एशिया में 150 की रफ्तार… सलाम है भाई!
मुनाफ पटेल ने एक प्रोग्राम के दौरान कहा कि जो गेंदबाज लगातार 150 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से गेंद फेंकता है, उसके लिए लंबे समय तक टिके रहना लगभग नामुमकिन होता है। मुनाफ बोले, ‘शोएब को अलग ही क्रेडिट देना होगा। एशिया की गर्मी और ऐसी पिचों पर अगर कोई बंदा 15 हफ्ते नहीं बल्कि 15 साल तक 150 की स्पीड से गेंद फेंक रहा है, तो उसे मेरा सैल्यूट है।’
मुनाफ ने आगे कहा, ‘वो लाजवाब है। उसके दोनों घुटने खत्म हो चुके थे, लेकिन फिर भी वो गेंदबाजी करता रहा। यह एक पागलपंती ही है कि ‘मुझे बस ये करना है’। ऐसा कोई पागल आदमी ही कर सकता है, नॉर्मल बंदा नहीं।’
खतरनाक चोटों का दर्द झेलकर बनाया रिकॉर्ड
शोएब अख्तर का करियर जितना उनकी रफ्तार के लिए मशहूर है, उतना ही उनकी चोटों के लिए भी। शोएब को बचपन से ही घुटनों की गंभीर समस्या थी, वे 6 साल की उम्र तक तो ठीक से चल भी नहीं पाते थे। उन्हें ‘अर्थराइटिस’ था। मैदान पर उतरने के लिए शोएब अक्सर मैच से पहले इंजेक्शन के जरिए अपने घुटनों से पानी (फ्लूइड) निकलवाते थे ताकि दर्द कम हो और वो भाग सकें। अब तो उनके घुटनों का ‘टोटल नी रिप्लेसमेंट’ भी हो चुका है।
रावलपिंडी एक्सप्रेस का वो अटूट रिकॉर्ड
शोएब अख्तर के नाम क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। 2003 के वर्ल्ड कप में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 161.3 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली और शॉन टैट (161.1 किमी/घंटा) का नंबर आता है, लेकिन शोएब की बादशाहत आज भी बरकरार है।


