बक्सर में एलपीजी की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम है, जिससे 4.6 दिनों का बैकलॉग बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसत 6,419 सिलेंडरों की मांग है, जबकि आपूर्ति औसतन 5,663 सिलेंडर ही हो रही है। वर्तमान में 26,038 रिफिल बुकिंग डिलीवरी के लिए लंबित हैं। 15 अप्रैल तक 1,56,769 सिलेंडरों का वितरण जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले में इंडियन ऑयल (IOCL) की 13, भारत पेट्रोलियम (BPCL) की 6 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की 8 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनकी कुल संख्या 27 है। जिले में IOCL के 2,02,360, BPCL के 57,517 और HPCL के 90,668 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। 13 मार्च 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक कुल 1,56,769 गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया है। 15 अप्रैल तक एजेंसियों के पास 1,399 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध था। गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी की तैनाती गैस वितरण को सुव्यवस्थित रखने के लिए शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन द्वारा लगातार एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अब तक कालाबाजारी के मामले में 2 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। 15 अप्रैल को 35 एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया गया। शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष जनता की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। अब तक 1,018 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 979 का निपटारा किया जा चुका है। एलपीजी से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए लोग 06183-223333 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गैस की आपूर्ति केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जा रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं शादी-विवाह के लिए वाणिज्यिक गैस प्राप्त करने हेतु कैटरर्स को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। संबंधित व्यक्ति को शादी का कार्ड और आवेदन अनुमंडल पदाधिकारी को देना होगा, जिसके आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी द्वारा लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सके। बक्सर में एलपीजी की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम है, जिससे 4.6 दिनों का बैकलॉग बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसत 6,419 सिलेंडरों की मांग है, जबकि आपूर्ति औसतन 5,663 सिलेंडर ही हो रही है। वर्तमान में 26,038 रिफिल बुकिंग डिलीवरी के लिए लंबित हैं। 15 अप्रैल तक 1,56,769 सिलेंडरों का वितरण जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले में इंडियन ऑयल (IOCL) की 13, भारत पेट्रोलियम (BPCL) की 6 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की 8 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनकी कुल संख्या 27 है। जिले में IOCL के 2,02,360, BPCL के 57,517 और HPCL के 90,668 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। 13 मार्च 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक कुल 1,56,769 गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया है। 15 अप्रैल तक एजेंसियों के पास 1,399 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध था। गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी की तैनाती गैस वितरण को सुव्यवस्थित रखने के लिए शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन द्वारा लगातार एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अब तक कालाबाजारी के मामले में 2 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। 15 अप्रैल को 35 एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया गया। शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष जनता की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। अब तक 1,018 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 979 का निपटारा किया जा चुका है। एलपीजी से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए लोग 06183-223333 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गैस की आपूर्ति केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जा रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं शादी-विवाह के लिए वाणिज्यिक गैस प्राप्त करने हेतु कैटरर्स को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। संबंधित व्यक्ति को शादी का कार्ड और आवेदन अनुमंडल पदाधिकारी को देना होगा, जिसके आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी द्वारा लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।


