यमुनानगर जगाधरी के व्यस्त बाजार में बुधवार रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सड़क के बीच खड़ी एक बुलेट बाइक को हटवाने और चालान करने को लेकर पुलिस और एक नाबालिग के बीच विवाद भड़क उठा। मामूली पूछताछ से शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि युवक ने न सिर्फ एसपीओ से चालान मशीन छीनकर फेंक दी, बल्कि थप्पड़ मारकर मौके से भाग गया। आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस को दुकान के अंदर भी विरोध का सामना करना पड़ा, जहां युवक के चाचा ने पुलिस कार्रवाई में बाधा डालते हुए जमकर हंगामा किया और वर्दी तक उतरवाने की धमकियां दीं। बाद में थाने में भी बवाल जारी रहा। पुलिस ने दोनों चाचा भतीजा को काबू कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि परिजनों ने पूरी घटना में पुलिस पर ज्यादती के गंभीर आरोप लगाए हैं। बीच रास्ते खड़ी थी बुलेट बाइक जगाधरी सिटी थाना प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने साथी कर्मचारियों के साथ जगाधरी बाजार में मौजूद थे। बाजार में रास्ते के बीच एक बुलेट बाइक खड़ी थी। जब उन्होंने आसपास के लोगों से बाइक के बारे में पूछा तो किसी ने नहीं बताया कि यह किसकी है। इसके बाद उन्होंने चालान मशीन से बाइक का नंबर चेक करना शुरू किया। इसी दौरान एक युवक वहां आया और एसपीओ रणदीप सिंह के हाथ से चालान मशीन छीनकर फेंक दी। होमगार्ड को थप्पड़ मारकर दुकान में घुसा युवक इस पर होमगार्ड ने युवक से कहा कि जब बाइक के बारे में पूछा जा रहा था तो उसने पहले क्यों नहीं बताया, क्योंकि बाइक की वजह से आमजन को परेशानी हो रही थी। थाना प्रभारी के अनुसार, युवक तैश में आ गया और बोला कि उसकी बाइक यहीं खड़ी रहेगी, जिसमें हिम्मत है हटाकर देख ले। इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। शोर सुनकर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच युवक ने एसओपी रणदीप को जोर से थप्पड़ मार दिया और भागकर पास की एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में घुस गया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी दुकान के अंदर गए। चाचा ने कहा उनकी वर्दी उतरवा देगा इस दौरान दुकान में मौजूद गुरदीप सिंह नामक व्यक्ति युवक को बचाने के लिए पुलिस से उलझ गया। उसने कहा कि यह उसका भतीजा है और उसे हाथ नहीं लगा सकते। गुरदीप ने धमकी देते हुए कहा कि वह उनकी वर्दी उतरवा देगा और पूछा कि वे जानते नहीं वह कौन है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को काबू कर लिया, जबकि भीड़ का फायदा उठाकर गुरदीप मौके से फरार हो गया। पुलिस आरोपी युवक को थाने ले आई। कुछ देर बाद उसका चाचा गुरदीप भी थाने पहुंच गया और वहां हंगामा करने लगा। उसने जबरदस्ती अपने भतीजे को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे भी काबू कर लिया। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बुलेट बाइक को भी इंपाउंड कर दिया है। परिजन ने पुलिस पर लगाया ज्यादती का आरोप वहीं, रात को थाने पहुंचे युवक के दादा ने बताया कि पुलिस के कहने पर उसका पोता बाइक पीछे करने लगा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने चालान करने की बात कही, जिस पर कहासुनी हो गई। इसके बाद बच्चा दुकान में चला गया। दादा का आरोप है कि पुलिस दुकान में घुसी और जबरदस्ती बच्चे को खींचकर बाहर ले आई, जिससे काउंटर पर रखा सामान भी बिखर गया। दादा ने बताया कि वे अपने बेटे गुरदीप के साथ नाबालिग को छुड़ाने के लिए थाने गए थे, जहां पुलिस ने गुरदीप को भी पकड़कर हवालात में डाल दिया। उन्होंने कहा कि उसका पोता अभी 16 साल का है और 12वीं कक्षा में पढ़ता है।


