अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान की आई पहली प्रतिक्रिया, सीजफायर को लेकर कही ये बात

अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान की आई पहली प्रतिक्रिया, सीजफायर को लेकर कही ये बात

US Iran Talks Failure: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद चल रही बातचीत फेल हो गई है। दोनों देशों के बीच वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान से युद्धविराम की समय सीमा को बढ़ाने की अपील की है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान माहौल में उतार-चढ़ाव रहा और मीटिंग के दौरान तनाव का स्तर कभी बढ़ा तो कभी घटा।

बातचीत में जल्दबाजी नहीं- ईरान

अमेरिका के साथ बातचीत विफल होने के बाद ईरान ने कहा कि वह अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने में जल्दबाज़ी में नहीं है। यह जानकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी मुताबिक अहम रणनीतिक मुद्दों पर चल रही बातचीत के बीच तेहरान का रुख अब भी सख्त बना हुआ है। ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका किसी उचित (वाजिब) समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

अमेरिका के लिए रवाना हुआ जेडी वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है। मैं अमेरिका जा रहा हूं, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पूरी जानकारी दूंगा। उन्होंने आगे कहा कि हम पाकिस्तान साफ नियत से आए थे, लेकिन ईरान समझौते की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। 

अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि वॉशिंगटन ने इस्लामाबाद में हुई वार्ता के बाद ईरान के सामने अपना अंतिम और सबसे बेहतर प्रस्ताव रखा है। उन्होंने बताया कि बातचीत के 21 घंटे के दौरान वार्ता दल लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संपर्क में था।

उन्होंने कहा कि हम लगातार राष्ट्रपति से बात कर रहे थे। वेंस ने आगे कहा कि हम लगातार टीम के संपर्क में थे, क्योंकि हम ईमानदारी से बातचीत कर रहे थे। और हम यहां से एक बहुत ही सरल प्रस्ताव के साथ जा रहे हैं, एक समझ का तरीका, जो हमारा अंतिम और सबसे बेहतर प्रस्ताव है। अब देखना है कि ईरान इसे स्वीकार करता है या नहीं।

ईरान ने शर्तों को किया खारिज

ईरानी प्रतिनिधिमंडल के एक करीबी सूत्र ने दावा किया है कि वार्ता के दौरान अमेरिका ने व्यापक रियायतों की मांग की। Fars News Agency के मुताबिक, अमेरिका बातचीत के जरिए वह सब हासिल करना चाहता था जो वह युद्ध के दौरान नहीं कर पाया। सूत्र ने कहा कि ईरान ने इन महत्वाकांक्षी शर्तों को खारिज कर दिया, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य, अपने शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े मामलों पर।

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