नरकटियागंज में अनुमंडलीय उपकारा के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि विभागीय निर्देश के बाद अंचल प्रशासन ने नए सिरे से संशोधित प्रस्ताव कारा विभाग को भेजा है। जानकारी के अनुसार केहुनिया रोआरी पंचायत के मौजा रोआरी के तहत 18 एकड़ भूमि का चयन उपकारा के निर्माण के लिए किया गया है। विभाग की स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया जारी होगी। उसके पश्चात अनुमंडलीय उपकारा का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा। हालांकि पूर्व में उपकारा के लिए 15 एकड़ भूमि का चयन कर प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन उक्त प्रस्ताव की समीक्षा करने के बाद महानिरीक्षक (कारा एवं सुधार सेवाएं) ने 18 एकड़ भूमि की मांग करते हुए नए सिरे से प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था। जिसके आलोक में रोआरी मौजा अंतर्गत खाता-124, खेसरा-1933 की 18 एकड़ भूमि का चयन कर अंचल कार्यालय द्वारा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। उपकारा के लिए भूमि चयन प्रक्रिया में प्रशासन को भी मशक्कत करनी पड़ी है। बेतिया राज से संबंधित भूमि पर करीब 19 लोगों की जमाबंदी कायम थी। समीक्षा के उपरांत अपर समाहर्ता स्तर से सुनवाई की गई। जिसके बाद जमाबंदी वाद संख्या 12/20-2021 में 19 व्यक्तियो की अवैध जमाबंदी को रद्द कर प्रस्ताव तैयार किया गया। बीडीओ सह प्रभारी सीओ सूरज कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देश के बाद 18 एकड़ भूमि का चयन कर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। नरकटियागंज में अनुमंडल मुख्यालय के समीप अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। न्यायालय भवन के लिए स्थल चयन व निर्माण प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही जेल के निर्माण को लेकर भी लगातार कवायद की जा रही थी। जिसके बाद उपकारा के लिए रोआरी में भूमि का चयन हुआ है। बता दें की नरकटियागंज क्षेत्र के कैदियों को बेतिया या अन्य जेलों में भेजने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अब अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र में ही जेल भवन बनने से न केवल पुलिस प्रशासन को राहत मिलेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। साथ ही मंडलकारा बेतिया पर कैदियों की संख्या का दबाव भी कम होगा। नरकटियागंज में अनुमंडलीय उपकारा के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि विभागीय निर्देश के बाद अंचल प्रशासन ने नए सिरे से संशोधित प्रस्ताव कारा विभाग को भेजा है। जानकारी के अनुसार केहुनिया रोआरी पंचायत के मौजा रोआरी के तहत 18 एकड़ भूमि का चयन उपकारा के निर्माण के लिए किया गया है। विभाग की स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया जारी होगी। उसके पश्चात अनुमंडलीय उपकारा का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा। हालांकि पूर्व में उपकारा के लिए 15 एकड़ भूमि का चयन कर प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन उक्त प्रस्ताव की समीक्षा करने के बाद महानिरीक्षक (कारा एवं सुधार सेवाएं) ने 18 एकड़ भूमि की मांग करते हुए नए सिरे से प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था। जिसके आलोक में रोआरी मौजा अंतर्गत खाता-124, खेसरा-1933 की 18 एकड़ भूमि का चयन कर अंचल कार्यालय द्वारा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। उपकारा के लिए भूमि चयन प्रक्रिया में प्रशासन को भी मशक्कत करनी पड़ी है। बेतिया राज से संबंधित भूमि पर करीब 19 लोगों की जमाबंदी कायम थी। समीक्षा के उपरांत अपर समाहर्ता स्तर से सुनवाई की गई। जिसके बाद जमाबंदी वाद संख्या 12/20-2021 में 19 व्यक्तियो की अवैध जमाबंदी को रद्द कर प्रस्ताव तैयार किया गया। बीडीओ सह प्रभारी सीओ सूरज कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देश के बाद 18 एकड़ भूमि का चयन कर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। नरकटियागंज में अनुमंडल मुख्यालय के समीप अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। न्यायालय भवन के लिए स्थल चयन व निर्माण प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही जेल के निर्माण को लेकर भी लगातार कवायद की जा रही थी। जिसके बाद उपकारा के लिए रोआरी में भूमि का चयन हुआ है। बता दें की नरकटियागंज क्षेत्र के कैदियों को बेतिया या अन्य जेलों में भेजने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अब अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र में ही जेल भवन बनने से न केवल पुलिस प्रशासन को राहत मिलेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। साथ ही मंडलकारा बेतिया पर कैदियों की संख्या का दबाव भी कम होगा।


